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पीएम मोदी के ‘माफ़ी देने’ वाले सोशल मीडिया वीडियो पर कैसी बहस, विपक्ष ने क्यों घेरा?

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Source :- BBC INDIA

नरेंद्र मोदी

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पढ़ने का समय: 10 मिनट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक वर्टिकल वीडियो साझा करते हुए जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान उन्हें अपशब्द बोलने वाले बच्चों को माफ़ करने की बात कही थी.

उन्होंने कहा, “कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं. बचपन ग़लतियों को सुधारने का अवसर भी होता है. ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, मैं इन्हें माफ़ करना चाहता हूं.”

इस वीडियो में उन्होंने लड़कियों की ओर से अपशब्दों के इस्तेमाल को ‘कल्चरल शॉक’ बताया था और हैरानी जताई थी कि ‘हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं?’

उनके ‘माफ़ करने वाले’ बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अब विवाद तेज़ हो गया है.

एक तरफ़ कांग्रेस के कई नेताओं, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, विपक्षी सांसद और बॉलीवुड से जुड़े लोगों ने पीएम मोदी के ‘माफ़ी देने’ को लेकर सवाल उठाए हैं.

वहीं सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े कई नेताओं ने पीएम मोदी की प्रशंसा की है.

अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

अभिजीत दीपके

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सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार शाम एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए सवाल किया, “मुझे लगता है कि आज रात भी मोदी जी एक वीडियो डालेंगे. मैं उम्मीद करता हूं कि 20 जुलाई को जो बर्बर लाठीचार्ज हुआ है, उसके लिए भी वो माफ़ी मांगेंगे.”

पेपर लीक मामले पर मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके धरने पर बैठ गए थे.

उनके इस अनशन में पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और नेहा सिंह समेत कई स्टूडेंट्स भी आमरण अनशन पर बैठ गए थे. लेकिन 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को ज़बरदस्ती हटाए जाने के बाद यह आंदोलन और तेज़ हो गया.

हालांकि 24 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के साथ यह अनशन समाप्त कर दिया गया. लेकिन उसके बाद प्रदर्शन के दौरान अपशब्दों के इस्तेमाल पर बहस छिड़ गई.

प्रदर्शन के दौरान अपशब्द को लेकर पुलिस की कार्रवाई का मामला तब तूल पकड़ गया जब बीते शुक्रवार को पीएम मोदी के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में नोएडा पुलिस ने एक युवती पर ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की.

पुलिस ने बताया कि यह एफ़आईआर संसद मार्ग थाने में स्थानांतरित कर दी गई है.

हालांकि उस युवती ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर अपनी उम्र 15 साल बताते हुए माफ़ी मांगी थी. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. बीबीसी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

इस एफ़आईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “क्या आईटी सेल के उन सदस्यों के ख़िलाफ़ भी एफ़आईआर दर्ज की जाएगी, जिन्होंने इतने सालों तक महिलाओं के साथ बेहद बुरा बर्ताव किया है?”

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने भी प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसी सामग्री हटाने को कहा है.

जब शुक्रवार रात पीएम मोदी ने बच्चों को माफ़ करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया तो अभिजीत दीपके ने तंज़ करते हुए लिखा, “फ़्रैंड, सिर्फ़ रील पर ही माफ़ करेंगे या केस भी वापस लेंगे?”

पीएम मोदी ने क्या कहा था

पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर एक वर्टिकल वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं.

उन्होंने कहा कि “बचपन ग़लतियों को सुधारने का अवसर भी होता है. ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, मैं इन्हें माफ़ करना चाहता हूं.”

उन्होंने कहा, “जंतर-मंतर पर जो हुआ देश और दुनिया ने देखा. कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी और अपशब्दों वाली भाषा का इस्तेमाल किया, ऐसे शब्द जो किसी भी सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं हैं. मुझे व्यक्तिगत रूप से अपशब्द कहे गए, और मेरी स्वर्गीय मां को भी गाली दी गई.”

पीएम मोदी ने कहा, “बचपन में ग़लतियां होती हैं, बचपन ग़लतियों को सुधारने का अवसर भी होता, यही तो बचपना है. मैं समाज के अंदर मौजूद आक्रोश को भली-भांति समझ सकता हूँ. यह एक कल्चरल शॉक जैसा है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं. मैं उन बच्चों को माफ़ करना चाहता हूं.”

“समय आ गया है कि हम इन बच्चों को अपनाएं और उन्हें सही रास्ता दिखाएं. वे रास्ता भटक गए हैं, और उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा कर्तव्य है. उन्हें सज़ा देना, अदालती कार्यवाही में उलझाना और समाज में परेशान करना, इनमें से किसी से भी स्थिति नहीं बदलेगी. मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूं. समाज को भी इसे स्वीकार करना चाहिए. मेरे दिल में बस एक ही भावना है.”

उन्होंने कहा, “ये बच्चे भी हमारे ही हैं. उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा कर्तव्य है. जो भटक गए हैं, उन्हें सही रास्ता दिखाना मुश्किल है, लेकिन यह एक ऐसा काम है जो हमें करना ही होगा. मैं इन बच्चों से कहता हूं, आइए देश के लिए हम सब मिलकर आगे बढ़ें. आइए कुछ नया सीखें और अपनी ग़लतियों से भी सीखें.”

इससे पहले उन्होंने प्रदर्शन के दौरान भी इंस्टाग्राम पर आकर जेन ज़ी को ‘फ्रेंड्स’ बताते हुए संबोधित किया था.

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना- इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता. ये एक ग़म उनके साथ हमेशा ज़िंदा रहेगा और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट एजुकेशन के बारे में कई सवाल.”

“पेपर लीक, रद्द परीक्षाएं, सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद. हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है.”

“और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को “माफ़” करने की बात करते हैं. क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं!”

राहुल गांधी ने लिखा, “भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं- मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए.”

‘माफ़ी देने’ को लेकर छिड़ी बहस

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SOURCE : BBC NEWS