Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- सोने की कीमतों में तेजी के बीच अगर आप अपनी पुरानी ज्वैलरी बेचने की सोच रहे हैं, तो आपको अच्छा पैसा मिल सकता है
- लेकिन सिर्फ बाजार में सोने का भाव बढ़ने से यह जरूरी नहीं कि आपको अपनी ज्वैलरी की पूरी कीमत मिल जाए
सोने की कीमतों में तेजी के बीच अगर आप अपनी पुरानी ज्वैलरी बेचने की सोच रहे हैं, तो आपको अच्छा पैसा मिल सकता है। लेकिन सिर्फ बाजार में सोने का भाव बढ़ने से यह जरूरी नहीं कि आपको अपनी ज्वैलरी की पूरी कीमत मिल जाए। सोने की शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज, जांच के दौरान होने वाली कटौती और ज्वैलर की शर्तें भी मिलने वाली रकम पर असर डालती हैं। ऐसे में सोना बेचने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
सोना बेचते समय इन 7 बातों का रखें ध्यान
1. सोने की शुद्धता से तय होती है कीमत
पुरानी ज्वैलरी 14, 18 या 22 कैरेट सोने की हो सकती है। कैरेट जितना ज्यादा होगा, उसमें सोने की मात्रा उतनी ही अधिक होगी। इसलिए समान वजन की ज्वैलरी में ज्यादा शुद्धता वाले सोने की कीमत आमतौर पर अधिक मिलती है।
2. पूरे वजन पर नहीं मिलता पैसा
ज्वैलरी में लगे पत्थर, मोती, मोतीनुमा सजावट और दूसरे गैर-सोने के सामान का वजन घटाया जा सकता है। उदाहरण के लिए अगर आपकी ज्वैलरी का वजन 20 ग्राम है और उसमें 2 ग्राम पत्थर लगे हैं, तो सोने का वास्तविक वजन 18 ग्राम माना जा सकता है।
3. सोने का कौन-सा भाव लागू होगा?
ज्वैलर दुकान पर सोने का जो भाव बताता है, जरूरी नहीं कि पुराने सोने को खरीदने के लिए भी वही भाव लागू हो। इसलिए ज्वैलरी बेचने से पहले पूछें कि आपके सोने की शुद्धता के हिसाब से प्रति ग्राम कितना भाव दिया जाएगा।
4. मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलता
जब आप नई ज्वैलरी खरीदते हैं, तो सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज भी देते हैं। लेकिन पुरानी ज्वैलरी बेचते समय आमतौर पर यह चार्ज वापस नहीं मिलता। इसलिए खरीदते समय चुकाई गई पूरी रकम मिलने की उम्मीद न रखें।
5. जांच के नाम पर कटौती
ज्वैलर सोने की शुद्धता जांचने के बाद अपनी वैल्यूएशन पॉलिसी के अनुसार कटौती कर सकता है। हालांकि, आपको यह जरूर पूछना चाहिए कि कितनी कटौती की जा रही है और उसकी वजह क्या है। बिना हिसाब समझे तुरंत सौदा न करें।
6. BIS हॉलमार्क जरूर चेक करें
अगर आपकी ज्वैलरी पर BIS हॉलमार्क और छह अंकों का HUID नंबर है, तो उसे BIS केयर ऐप से जांच सकते हैं। इससे ज्वैलरी की दर्ज शुद्धता की जानकारी मिल सकती है। हालांकि, हॉलमार्क होने से ज्यादा रीसेल कीमत मिलने की गारंटी नहीं होती।
7. ज्वैलर की बायबैक पॉलिसी समझें
कुछ ज्वैलर अपनी दुकान से खरीदी गई ज्वैलरी पर अलग शर्तें लागू करते हैं। वह पुरानी रसीद या अन्य डॉक्यूमेंट भी मांग सकते हैं। इसलिए बेचने से पहले बायबैक पॉलिसी और सभी शर्तों की जानकारी लें।
ऐसे समझें पुराने सोने की कीमत का हिसाब
मान लीजिए कि आप 22 कैरेट की 20 ग्राम ज्वैलरी बेच रहे हैं। इसमें से 2 ग्राम वजन स्टोन और दूसरे गैर-सोने के सामान का है। ऐसे में सोने का शुद्ध वजन 18 ग्राम होगा। अगर उदाहरण के लिए ज्वैलर 10,000 रुपये प्रति ग्राम का भाव देता है, तो शुरुआती कीमत 1,80,000 रुपये होगी। इसमें से लागू कटौती होने पर मिलने वाली अंतिम रकम कम हो सकती है।
सोना बेचने से पहले जरूर करें ये काम
अपनी ज्वैलरी बेचने से पहले कम से कम दो-तीन ज्वैलर से कीमत पूछें। हर जगह सोने का भाव, वजन, शुद्धता और कटौती का हिसाब समझें। लिखित में पूरा विवरण मांगें और जल्दबाजी में फैसला न लें।
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