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पेट को ठसाठस भरना छोड़ें! खाने की आदत सुधारने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट के 3 रूल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

हेल्दी खाने के लिए सिर्फ डाइट में बदलाव करना काफी नहीं है, आप खाना कैसे और कितनी मात्रा में खाते हैं, यह भी मायने रखता है। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने इसके लिए 3 आसान रूल बताए हैं।

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि खाना खाते समय पता ही नहीं चलता कि कब पेट जरूरत से ज्यादा भर गया? या फिर जल्दबाजी में खाना खत्म करने के चक्कर में आप उसे ठीक से चबाते भी नहीं हैं? अक्सर हम हेल्दी खाने के लिए क्या खाना चाहिए, इसी पर ध्यान देते हैं, लेकिन खाने का तरीका भी उतना ही जरूरी है। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, रोज की कुछ छोटी-छोटी आदतें आपके खाने के तरीके को बेहतर बना सकती हैं। इसके लिए न तो आपको कोई खास डाइट फॉलो करने की जरूरत है और न ही अपनी पसंद की चीजें पूरी तरह छोड़नी होंगी। बस खाने के दौरान इन 3 आसान रूल्स का ध्यान रखना है।

1. उतना ही खाएं, जितना आराम से खा सकें

कई बार खाना इतना टेस्टी होता है कि पेट भरने के बाद भी हम खाते रहते हैं। कभी प्लेट में बचा खाना खत्म करने के लिए तो कभी मनपसंद डिश देखकर हम जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। लेकिन ऐसा करने से पेट में भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है।

  • न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का कहना है कि पेट एकदम ठसाठस भर जाने तक खाना ना खाएं। जब आपको लगे कि अब पेट आराम से भर गया है और भूख भी शांत हो गई है, तो खाना रोक दें। इसके लिए अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। शुरुआत में यह समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे आपको अंदाजा होने लगेगा कि आपके लिए कितनी मात्रा सही है।

2. खाना जल्दी-जल्दी नहीं, धीरे-धीरे चबाकर खाएं

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग खाना भी जल्दी-जल्दी खाते हैं। कभी ऑफिस के काम के बीच तो कभी फोन देखते हुए खाना खत्म कर लेते हैं। लेकिन खाना अच्छी तरह चबाना जरूरी है। इससे खाने को छोटे टुकड़ों में तोड़ने में मदद मिलती है और पेट के लिए उसे पचाना आसान हो सकता है।

  • इसके अलावा, धीरे-धीरे खाने से आपको यह समझने का समय मिलता है कि आपका पेट भर रहा है या नहीं। जल्दबाजी में खाने के दौरान कुछ लोग ज्यादा हवा भी निगल सकते हैं, जिससे गैस और पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। इसलिए खाने के समय फोन को एक तरफ रखें, हर निवाले को अच्छी तरह चबाएं और आराम से खाना खाएं।

3. खाने में शामिल करें सभी 6 स्वाद

हम अक्सर अपनी डाइट में प्रोटीन, कार्ब्स और फैट पर ध्यान देते हैं, लेकिन खाने के स्वाद भी मायने रखते हैं। भारतीय खानपान में 6 तरह के स्वाद बताए गए हैं जिनमें मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा, तीखा और कसैला शामिल हैं।

  • आप अपने रोज के खाने में इन स्वादों को अलग-अलग चीजों के जरिए शामिल कर सकते हैं। जैसे मीठे स्वाद के लिए थोड़ा गुड़, खट्टे के लिए नींबू, नमकीन के लिए नमक, कड़वे के लिए मेथी या करेले की थोड़ी सब्जी, तीखे के लिए मिर्च और कसैले स्वाद के लिए दाल या कुछ दूसरी चीजें। हालांकि, सभी स्वाद हर बार एक ही थाली में शामिल करना जरूरी नहीं है। अपनी पसंद और सेहत के हिसाब से संतुलित खाना चुनें।

हेल्दी खाने के लिए तरीका भी है जरूरी

हेल्दी खाने का मतलब सिर्फ सलाद, फल या कम कैलोरी वाला खाना खाना नहीं है। आप किस तरह खाते हैं, कितनी मात्रा में खाते हैं और खाने के दौरान अपने शरीर के संकेतों को कितना समझते हैं, ये बातें भी जरूरी हैं। धीरे-धीरे खाना, पेट भरने पर रुकना और संतुलित डाइट लेना ऐसी छोटी आदतें हैं, जिन्हें रोज की जिंदगी में आसानी से फॉलो किया जा सकता है। शुरुआत में एक आदत पर ध्यान दें और फिर धीरे-धीरे बाकी आदतों को भी अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN