Source :- LIVE HINDUSTAN
शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल (प्रॉसिक्यूटर जनरल) हमाद सैफ अल शम्सी ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि यह कोई साधारण आपसी विवाद नहीं, बल्कि एक सोची-समझी ‘आतंकवादी वारदात’ थी।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई (Flydubai) की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर जानलेवा हमला करने और विमान को क्रैश करने की कोशिश करने वाले ओमानी को-पायलट का नाम उजागर हो गया है। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी को-पायलट की पहचान हम्माम अल-हम्मामी के रूप में हुई है।
शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल (प्रॉसिक्यूटर जनरल) हमाद सैफ अल शम्सी ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि यह कोई साधारण आपसी विवाद नहीं, बल्कि एक सोची-समझी ‘आतंकवादी वारदात’ थी।
इमरजेंसी कुल्हाड़ी से किया था भारतीय कैप्टन पर हमला
यूएई के अटॉर्नी जनरल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 29 साल के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के भीतर आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल होने वाली क्रैश एक्स (एक तरह की कुल्हाड़ी) और धारदार हथियार से भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर अचानक हमला कर दिया था।
हमला करने के बाद हम्माम ने विमान के कंट्रोल पैनल को अपने हाथ में लेकर उसे तेजी से नीचे की ओर गिराना शुरू कर दिया, ताकि विमान को इजराइल की सीमा में क्रैश किया जा सके।
गंभीर रूप से घायल और फर्श पर गिरे कैप्टन स्मित मछार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कॉकपिट डोर का ‘इमर्जेंसी अनलॉक’ बटन दबा दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर घुसकर उपद्रवी को-पायलट को दबोचा।
बेकाबू स्थिति के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
पहले भी ‘ओमान एयर’ से निकाला जा चुका था आरोपी
हम्माम अल-हम्मामी की बैकग्राउंड की जांच में कई बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक खुलासे हुए हैं।
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ और ‘ABC न्यूज’ की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हम्माम अल-हम्मामी पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ‘ओमान एयर’ में ट्रेनिंग को-पायलट था। 2024 में उसके पास से कट्टरपंथी और जिहादी सामग्री बरामद होने और हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता के बाद उसे उड़ान ड्यूटी से हटाकर डेस्क जॉब पर डाल दिया गया था।
ओमान एयर छोड़ने के बाद वह करीब 8 महीने पहले ही फ्लाईदुबाई में भर्ती हुआ था। सवाल उठ रहे हैं कि ओमान सरकार की ओर से फ्लैग किए जाने के बावजूद यूएई की एयरलाइन में उसका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन सही से क्यों नहीं हुआ।
रिपोर्टों के अनुसार, घटना के कुछ ही घंटों बाद हम्माम के सोशल मीडिया और लिंक्डइन प्रोफाइल पर अल-कायदा नेताओं की तस्वीरें और भड़काऊ कंटेंट पाए गए, जिन्हें बाद में हटा दिया गया।
पीएम मोदी ने की कैप्टन स्मित से बात, नेतन्याहू ने दी चेतावनी
इस साहसिक घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी के अस्पताल में भर्ती भारतीय कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल पर बात की और उनके साहस और तत्परता की सराहना की, जिसने 180 यात्रियों की जान बचाई।
वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को कहा कि इजराइली और यूएई की खुफिया एजेंसियां (मोसाद और शिन बेट) इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि क्या हम्माम अल-हम्मामी किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क या आकाओं के सीधे इशारे पर काम कर रहा था। नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि इस साजिश के पीछे जो भी लोग शामिल होंगे, उन्हें इसकी “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी।
फिलहाल आरोपी यूएई पुलिस और अभियोजन पक्ष की हिरासत में है और उसके खिलाफ आतंकवाद विरोधी कड़े कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है।
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