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फ्लाईदुबई फ्लाइट: भारत के कैप्टन स्मित मच्छर ने ऐसा क्या किया, जिन्हें ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक बता रहे हैं हीरो

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Source :- BBC INDIA

स्मित मच्चर

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पढ़ने का समय: 5 मिनट

फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में चाकू से हमला किए गए भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर ने कथित तौर पर बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया था.

इसराइली यात्री यानिव हयून ने बुधवार को बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी.

हयून ने नेतन्याहू को बताया कि कॉकपिट का दरवाज़ा खुला हुआ था, लेकिन मच्छर दरवाज़े के इतने क़रीब थे कि उसे खोलना मुश्किल था.

उन्होंने कहा, “मेरा निष्कर्ष है कि उन्होंने अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए हमारे लिए दरवाज़ा खोल दिया और उसके बाद बेहोश हो गए.”

बाद में नेतन्याहू ने एक्स पर दिए एक बयान में मच्चर की बहादुरी की तारीफ़ करते हुए इस घटना का ज़िक्र किया.

इसराइली प्रधानमंत्री ने लिखा, “चाकू से हमला होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का विरोध किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों के साथ चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में सक्षम बनाया. इससे हवा में एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई.”

नेतन्याहू ने कहा कि मच्चर ने इसराइली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई.

इसराइल

स्मित ने चाकू से हमले के दौरान क्या किया?

स्मित मच्छर की सोशल मीडिया पर भी काफ़ी तारीफ़ हो रही है. ईरान की एक महिला ने एक्स पर लिखा है, ”मेरे पति पायलट हैं. उन्होंने बताया कि पायलटों के पास कॉकपिट में एक स्विच होता है, जिससे अंदर से कॉकपिट का दरवाज़ा अनलॉक किया जा सकता है. इसलिए संभव है कि कैप्टन स्मित मच्छर ने सिर्फ़ मदद के लिए आवाज़ ही नहीं लगाई हो, बल्कि बेहोश होने से पहले उन्होंने वह स्विच भी दबाया हो, ताकि फ्लाइट अटेंडेंट और यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंच सकें.”

”अगर कॉकपिट का दरवाजा लॉक ही रहता, तो शायद कोई अंदर जाकर विमान को बचाने में मदद नहीं कर पाता. उन्हें सलाम. उनके उस एक फ़ैसले ने विमान में सवार सभी लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई.”

इसराइली की न्यूज़ वेबसाइट यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़ कई यात्रियों ने ज़ख़्मी मच्चर को प्राथमिक उपचार दिया.

इनमें इसराइली डेंटिस्ट शोता मुसायेव भी शामिल थे. विमान की ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद मच्चर को सऊदी अरब के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.

मुसायेव ने इसराइली मीडिया से बताया कि मच्छर गंभीर रूप से घायल थे और उनके सिर और हाथों से काफ़ी ख़ून बह रहा था. डेंटिस्ट ने ख़ून रोकने में मदद की. उन्होंने बताया कि इसके बाद मच्चर की हालत स्थिर हुई, लेकिन विमान की लैंडिंग के दौरान उनकी स्थिति फिर बिगड़ गई.

मुसायेव ने यह भी बताया कि मच्छर बोलकर यह बताने में सक्षम थे कि दूसरे पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया था.

मच्छर अनुभवी पायलट हैं, नए पायलटों को ट्रेनिंग भी दे चुके हैं.

इसराइल

कौन हैं स्मित

मच्चर लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट में एक दशक से ज़्यादा समय तक काम किया था. वहाँ वह ट्रेनिंग कैप्टन और नए पायलटों के मेंटर भी रहे.

उनके प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने बोइंग 737-800 और 737 MAX 8 और 9 विमानों पर क़रीब 9,750 घंटे की उड़ान भरी है.

लिंक्डइन प्रोफाइल से यह भी पता चलता है कि मच्छर के बच्चे भी हैं.

सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने कहा कि मच्छर को “उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के ताबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उन्हें ज़रूरी इलाज दिया जा रहा है.”

दूतावास ने कहा कि उसे पायलट की सेहत को लेकर अभी पूरी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन बताया गया है कि उनकी हालत स्थिर है. दूतावास के अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे मच्चर के परिवार के संपर्क में हैं.

ट्रंप

ट्रंप ने भी की स्मित की तारीफ़

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई के पायलट को हीरो बताया. उन्होंने कहा कि पायलट ने को-पायलट के चाकू से किए हमले का मुक़ाबला किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और मदद के लिए आवाज़ लगाई, जिससे विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश को नाकाम करने में मदद मिली.

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इइराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बात की थी.

ट्रंप के मुताबिक़, नेतन्याहू ने उन्हें बताया कि एक प्लंबर, जिसने कभी विमान नहीं उड़ाया था, ने दुबई से तेल अवीव जा रही उस उड़ान को संभालने में अहम भूमिका निभाई, जो बाद में सऊदी अरब में उतरी.

ट्रंप ने कहा, “पायलट की हालत बहुत ख़राब थी. मेरा अनुमान है कि अब भी उनकी हालत बहुत ख़राब है. लेकिन उनमें इतनी सूझबूझ थी कि उन्होंने, यह वाक़ई कमाल था, एक तरह से वह हीरो थे.”

ट्रंप ने कहा कि पायलट ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और मदद के लिए चिल्लाने में सफल रहे.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “ऐसा लगता है कि को-पायलट शायद आतंकवादी था या शायद मानसिक रूप से असामान्य व्यक्ति, और उसने पायलट पर चाकू से हमला किया.”

इसके बाद ट्रंप ने एक इसरायली यात्री की “असाधारण” भूमिका का ज़िक्र किया, जिसकी पहचान उन्होंने एक प्लंबर के तौर पर की.

ट्रंप के मुताबिक, एक यात्री, जिसने कभी विमान नहीं उड़ाया था, कॉकपिट में गया, को-पायलट को उसकी सीट से खींचकर पीछे की ओर गिरा दिया. इसके बाद दूसरे यात्रियों ने उसे पकड़कर काबू में किया.

ट्रंप ने बताया कि बाद में उस यात्री ने कहा कि उसने टीवी कार्यक्रम एयर डिजास्टर्स देखकर विमान उड़ाने से जुड़े कुछ बुनियादी सिद्धांत सीखे थे.

ट्रंप ने कहा, “उसने बताया कि वह यह कार्यक्रम बहुत देखता है और उसे देखकर उसने कुछ हद तक विमान उड़ाना सीख लिया.”

ट्रंप के मुताबिक, विमान के पिछले हिस्से में मौजूद अतिरिक्त पायलट और सुरक्षा कर्मी बाद में कॉकपिट तक पहुंचे और विमान का नियंत्रण संभाल लिया.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह सबसे अविश्वसनीय कहानी है.”

हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह केवल उन्हें मिली जानकारी बता रहे थे और उन्होंने इन तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS