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‘ये ख़ून किसका है?’: फ्लाईदुबई के विमान में सवार यात्रियों ने बताया अंदर का हाल

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Source :- BBC INDIA

इसराइल

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फ़्लाईदुबई एयरलाइन का FZ1073 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था. इसी दौरान यह दो मिनट से भी कम समय में 17,000 फीट यानी क़रीब 5,200 मीटर नीचे आ गया.

इसके बाद विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया और वहीं लैंडिंग हुई. तत्काल पता नहीं चल पा रहा था कि विमान के भीतर क्या हुआ क्या है. लेकिन लैंडिंग के बाद यात्रियों ने विमान के भीतर का वाक़या बताया.

एक यात्री ने बताया कि पूरे विमान में भयानक चीखें सुनाई दे रही थीं. इसके बाद तीन से पाँच लोग कॉकपिट में घुस गए और उन्होंने हमलावर को काबू में कर लिया.

एक अन्य यात्री ने बताया कि चाकू से लैस हमलावर से उन्होंने “उड़ान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया”. इस बीच, पीछे बैठे दो अन्य पायलट आगे आए और विमान को उतारने की ज़िम्मेदारी संभाली.

इसराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर जश्न का माहौल दिखा, जहाँ फ्लाईदुबई की उड़ान से लौटे यात्रियों का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए. लोग इसराइली झंडे लहरा रहे थे और टर्मिनल से बाहर निकल रहे यात्रियों का उत्साह के साथ स्वागत कर रहे थे.

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‘यह ख़ून उसी का है?’

उड़ान में सवार यात्रियों ने विमान के अंदर हुई घटना के बारे में कई दिल दहला देने वाली बातें बताई हैं.

अल्मोग इटाली भी इस विमान में सवार थे. उन्होंने बीबीसी न्यूज़नाइट से बात करते हुए हवा में विमान के तेज़ी से नीचे आने की तुलना रोलरकोस्टर की सवारी के दौरान महसूस होने वाले अनुभव से की.

इटाली ने कहा, “अचानक विमान रोलरकोस्टर की तरह बहुत तेज़ी से नीचे गिरने लगा, जैसे बहुत ज़बरदस्त जी-फ़ोर्स का असर हो रहा हो.”

उन्होंने कहा, “विमान 20 या 30 सेकंड तक तेज़ी से नीचे गिर रहा था. इसके बाद विमान स्थिर हुआ और फिर दोबारा नीचे जाने लगा.”

जब विमान दूसरी बार नीचे गिरने लगा तो उन्होंने कुछ लोगों को “कॉकपिट की ओर दौड़ते हुए” देखा.

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि एक पायलट ने दूसरे को रोक दिया और कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों ने उसे काबू में कर लिया और नीचे गिरा दिया.”

उन्होंने बताया, “सिर्फ़ तीन या चार यात्री, जिन्होंने पायलट को काबू में किया था, घायल हुए हैं. इसलिए शायद आपने उनके चेहरों पर चोट देखी होगी, लेकिन दूसरे यात्रियों को कोई चोट नहीं लगी. यहां तक कि उन तीन-चार बेहद बहादुर लोगों को भी सिर्फ़ मामूली चोटें आई हैं, कोई गंभीर चोट नहीं लगी.”

इटाली ने कहा, “वे बहुत बहादुर हैं. उन्होंने सचमुच हमारी जान बचाई.”

एक अन्य यात्री हाइम लाज़ारोविच ने पत्रकारों से कहा, “शुक्र है कि मैं ज़िंदा हूँ. इस उड़ान का सबसे डरावना पल वह था, जब पायलट ने विमान पर नियंत्रण खो दिया.”

इसराइल की एंबुलेंस सेवा के एक पैरामेडिक ने बीबीसी को बताया कि कई लोग विमान से बाहर निकलते समय “बहुत भावुक थे और रो रहे थे.”

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यात्रियों में से एक यानिव से मुलाक़ात की.

यानिव कॉकपिट में घुस गए थे. नेतन्याहू ने उन्हें “एक हीरो” बताया.

नेतन्याहू ने उनकी कमीज़ पर लगे ख़ून के धब्बे की ओर इशारा करते हुए पूछा, “वाह, क्या यह उसी का ख़ून है?” यानिव ने जवाब दिया, “हां, यह उसी का है.”

नेतन्याहू ने कहा, “आपने जो किया, वह वाक़ई अविश्वसनीय है.”

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स्मित मच्छर की तारीफ़

यानिव ने बताया, “जिस पायलट पर चाकू से हमला हुआ था, वह दरवाज़े के बिल्कुल पास था, इसलिए हमारे लिए दरवाज़ा खोलना मुश्किल था.” लेकिन वह (स्मित मच्छर) गिरने से पहले दरवाज़ा खोलने में कामयाब हो गया था.

उन्होंने कहा, “जब मैं अंदर गया तो मैंने हमलावर को दोनों सीटों के बीच देखा. पायलट अपनी सीटों पर नहीं थे.”

“एक नीचे गिरा हुआ था और दूसरा उपकरणों के पास था. एक और व्यक्ति मेरे साथ अंदर आया. मैंने हमलावर को पकड़ा, उसकी गर्दन दबोच ली और सबसे पहले उसे बाहर खींच लिया.”

यानिव के मुताबिक़, हमलावर “विमान को निष्क्रिय करने के लिए उसके उपकरणों को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था.”

इसके बाद उन्होंने ‘विमान में मौजूद इसराइली लोगों को आवाज़ लगाई और सभी ने मिलकर उसे दबाकर रखा ताकि वह काबू में रहे.’

यानिव ने यह भी बताया कि उन्होंने “विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया.”

यानिव ने नेतन्याहू को बताया, “मैं ‘एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ देखता हूँ. विमान धीरे-धीरे सीधा होने लगा. इसके बाद पायलट ने मुझसे कहा कि अब वह आगे से विमान का नियंत्रण संभाल रहा है.”

एक अन्य यात्री ज़्विका मेनेस ने बताया कि उन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की.

उन्होंने कहा कि उन्होंने और दो अन्य लोगों ने “हमलावर को उसी के ज़िप टाइ और मल्टीमीडिया हेडफ़ोन से बांध दिया.”

एक अन्य यात्री ओरान कोएन ने हवाई अड्डे के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि विमान में हुई घटना शायद पांच मिनट तक चली, लेकिन बहुत डरावना था.

उन्होंने बताया कि विमान के नीचे जाने से पहले उन्होंने “अल्लाहु अकबर” की आवाज़ सुनी थी. यह विमान के उतरने के तय समय से क़रीब एक घंटे पहले हुआ था. उन्होंने यह नहीं बताया कि यह बात किसने कही थी.

उन्होंने कहा, “उस पल मुझे कैसा महसूस हो रहा था, यह मैं आपको बता नहीं सकता. मैं 18 साल का हूँ. वह बहुत मुश्किल पल था.”

उन्होंने कहा, “शायद यह पाँच मिनट की बात थी, लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे नरक हो. मैंने अपने पीछे अपने भाई को चिल्लाते हुए सुना कि हम मरने वाले हैं.”

यह बताते हुए वे भावुक हो गए और उन्होंने इसे “बहुत बुरा पल” कहा.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए हाइम लाज़ारोविच ने बताया कि वह अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ विमान में थे और उन्हें अपनी जान का डर था. उन्होंने कहा, “भगवान का शुक्र है कि मैं ज़िंदा हूँ.”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS