Source :- LIVE HINDUSTAN
छोटे बच्चों के चेहरे या फिर शरीर पर लाल रंग के रैशेज नजर आएं तो आपको इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर संतोष यादव ने बताया बच्चों में फूड एलर्जी के संकेत और कब हो सकता है इसका खतरा।
बच्चे के जन्म के बाद 6 महीने तक उसे सिर्फ मां का दूध देने की सलाह दी जाती है। लेकिन जब बेबी 6 महीने का हो जाता है तो डॉक्टर उसे ठोस आहार देने की सलाह देते हैं। ऐसे में कई बार बच्चों को खाने की कुछ चीजों से एलर्जी भी हो सकती है। लेकिन अक्सर इसे पहचानना मुश्किल होता है। जैसे कुछ लोगों का दूध पीते ही पेट खराब हो जाता है, तो कुछ को ठंडा पानी ट्रिगर करता है। इसे फूड एलर्जी कहा जाता है। ये बच्चों में भी हो सकती है। बहुत से लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन बच्चों के डॉक्टर कहते हैं कि ऐसा करना सही नहीं है। पीडियाट्रिशियन डॉक्टर संतोष यादव ने एक वीडियो शेयर कर बताया कि बच्चों में फूड एलर्जी के साइन क्या है और कब हो सकता है इससे खतरा।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉक्टर संतोष यादव ने एक वीडियो शेयर कर बच्चों में होने वाली फूड एलर्जी के बारे में बात की। इस वीडियो में उन्होंने एक बच्चे की वीडियो शेयर की है जिसमें बच्चे के पेट और पीठ पर लाल रंग के चकत्ते हो रहे थे। बच्चे में ये एलर्जी चने खाने से हुई थी। डॉक्टर संतोष कहते हैं कि ये एलर्जी किसी भी बच्चे को हो सकती है। इसे नजरअंदाज बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। डॉक्टर ने बताया बच्चों में ऐसा होने पर क्या करें।
बच्चे के रैश होने पर क्या करें
1) बच्चे में जब ये रैश दिखे तो सबसे पहले एक किताब में लिखें कि बच्चे को किस चीज को खाने से एलर्जी हुई है। इसके साथ ये भी लिखें कि एलर्जी किस तरह की दिख रही है और कहां-कहां पर हुई है। अच्छी तरह से पुरी डिटेल में लिखें ।
2) बच्चे के रैश को आराम पहुंचाने के लिए कैलामाइन लोशन लगाएं। ये कोई ट्रीटमेंट नहीं है, लेकिन इससे बच्चे को ठंडक मिलेगी जिससे वह इरिटेट नहीं होगा। इसे लगाने के बाद खुजली भी कम हो सकती है।
3) अगर रैशेज या फिर खुजली बढ़ रही है तो अपने बच्चे के डॉक्टर के पास जाएं। इस तरह की दिक्कत होने पर बच्चे को दवाई देने की जरूरत पड़ सकती है। इस समस्या में आपके बच्चे को एंटी-हिस्टामाइन्स देने की जरूरत पड़ेगी और कभी-कभी स्टेरॉइड भी दने पड़ सकते हैं।
कब हो सकता है खतरा
बच्चे को फूड एलर्जी होने पर रैश आना नॉर्मल है लेकिन इसका खतरा तब बढ़ता है जब कुछ भी खाने पर ये रैशेज बढ़ रहे हो। सांस लेने में दिक्कत हो या फिर होठों के पास सूजन हो। ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत हॉस्पिटल लेकर जाएं। इस इमरजेंसी में बच्चे को घर पर रखना सही नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। लाइव हिंदुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्रता पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है। यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
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