Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- क्या आपको भी लगता है कि अपना क्रेडिट रिपोर्ट या CIBIL स्कोर चेक करने से आपका स्कोर कम हो सकता है? अगर हां, तो इस गलतफहमी को आज ही दूर कर लीजिए
क्या आपको भी लगता है कि अपना क्रेडिट रिपोर्ट या CIBIL स्कोर चेक करने से आपका स्कोर कम हो सकता है? अगर हां, तो इस गलतफहमी को आज ही दूर कर लीजिए। एक्सपर्ट के मुताबिक खुद अपना क्रेडिट रिपोर्ट चेक करने से क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता। असली फर्क तब पड़ता है, जब कोई बैंक या वित्तीय संस्थान लोन या क्रेडिट कार्ड के एप्लिकेशन के दौरान आपकी क्रेडिट हिस्ट्री चेक करता है।
क्रेडिट रिपोर्ट को अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट कार्ड समझिए। इसमें आपके पुराने और मौजूदा लोन, क्रेडिट कार्ड, पेमेंट का रिकॉर्ड और क्रेडिट से जुड़ी दूसरी अहम जानकारी होती है। ऐसे में समय-समय पर अपनी रिपोर्ट देखना एक अच्छी वित्तीय आदत है। लेकिन कई लोग सिर्फ इस डर से इसे चेक नहीं करते कि कहीं उनका क्रेडिट स्कोर कम न हो जाए। असल में ऐसा नहीं है।
जैगल (Zaggle) के एग्जिक्यूटिव चेयमैन राज पी. नारायणम के मुताबिक जब कोई व्यक्ति खुद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करता है, तो इसे सॉफ्ट इंक्वायरी माना जाता है। इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना पूरी तरह सुरक्षित है। इससे आप अपनी क्रेडिट स्थिति को समझ सकते हैं और लोन के लिए अप्लाई करने से पहले यह भी देख सकते हैं कि आपकी रिपोर्ट में सब कुछ सही दर्ज है या नहीं।
फिर किस तरह की चेकिंग से घट सकता है क्रेडिट स्कोर?
यहां असली खेल हार्ड इंक्वायरी (Hard Enquiry) का है। जब आप लोन, क्रेडिट कार्ड या किसी दूसरी क्रेडिट सर्विस के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक या वित्तीय संस्थान आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करता है। इसे हार्ड इंक्वायरी कहा जाता है और इसका क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है।
अगर कोई व्यक्ति थोड़े समय के अंदर कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करता है और उसकी रिपोर्ट पर लगातार हार्ड इंक्वायरी होती है, तो इससे संकेत मिल सकता है कि वह लगातार नया क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहा है। इसे ‘क्रेडिट हंग्री’ व्यवहार माना जा सकता है और इसका स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट चेक करने का क्या फायदा?
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करने से आप कई गड़बड़ियां समय रहते पकड़ सकते हैं। मसलन, आपके नाम पर कोई ऐसा लोन या क्रेडिट कार्ड दर्ज है जिसे आपने लिया ही नहीं, कोई गलत पर्सनल डिटेल दर्ज है या किसी पेमेंट की जानकारी गलत दिखाई जा रही है। ऐसी गलती मिलने पर आप संबंधित संस्था के सामने शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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