Source :- LIVE HINDUSTAN
भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रैंड्स की मार्केट में हिस्सेदारी घटकर 67-68 प्रतिशत रह गई है। मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों के बीच Lava और Ai+ जैसे भारतीय ब्रैंड्स की हिस्सेदारी बढ़ी है।
भारत में चीनी स्मार्टफोन कंपनियों का मार्केट शेयर लगातार घट रहा है। मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों के चलते बजट स्मार्टफोन बनाना महंगा हो गया है। इससे कंपनियां कम कीमत वाले फोन के फीचर्स में कटौती कर रही हैं और प्रीमियम सेगमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। दूसरी ओर, लावा और Ai+ जैसे भारतीय ब्रैंड्स को इसका फायदा मिल रहा है।
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में चीनी ब्रैंड्स की हिस्सेदारी घटकर 67 से 68 प्रतिशत रह गई। Omdia के अनुसार, पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 71 प्रतिशत और एक साल पहले 75 प्रतिशत था। वहीं, काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी घटकर 67 प्रतिशत पर आ गई, जो 2019 की पहली तिमाही के बाद सबसे कम है।
बजट स्मार्टफोन पर बढ़ा दबाव
Vivo, Oppo और Xiaomi जैसी कंपनियों ने अफॉर्डेबल स्मार्टफोन्स के दम पर भारतीय मार्केट में मजबूत पकड़ बनाई थी। हालांकि, मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों से इन कंपनियों की लागत बढ़ गई है। ऐसे में कम कीमत पर ज्यादा रैम और स्टोरेज वाले स्मार्टफोन लॉन्च करना मुश्किल हो रहा है।
Omdia के प्रिंसिपल एनालिस्ट सान्यम चौरसिया के मुताबिक, कंपनियां पिछले चार से पांच तिमाहियों से लागत कंट्रोल करने के लिए स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशंस में बदलाव कर रही हैं। इसके अलावा, कम कीमत वाले सेगमेंट में नए मॉडल की संख्या भी घट रही है। कंपनियां अब मिड-रेंज और प्रीमियम स्मार्टफोन पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, जहां बेहतर प्रॉफिट मिलने की गुंजाइश है।
भारतीय ब्रैंड्स की बढ़ी हिस्सेदारी
चीनी कंपनियों की घटती हिस्सेदारी का फायदा भारतीय ब्रैंड्स को मिल रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, सितंबर में समाप्त तिमाही में भारतीय स्मार्टफोन ब्रैंड्स का कंबाइन्ड मार्केट शेयर बढ़कर 7 प्रतिशत हो गया। एक साल पहले यह केवल 2 प्रतिशत था। यह अक्टूबर-दिसंबर 2018 के बाद भारतीय ब्रैंड्स की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक, भारतीय ब्रैंड्स की हिस्सेदारी में लगभग 95 प्रतिशत कॉन्ट्रिब्यूशन Ai+ और Lava का रहा। Mivi और Boltt जैसे ब्रैंड्स भी स्मार्टफोन मार्केट में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्मार्टफोन शिपमेंट में भी गिरावट
भारत में स्मार्टफोन का कुल शिपमेंट भी प्रभावित हुआ है। काउंटरपॉइंट रिसर्च और Omdia के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट एनुअली 20 से 26 प्रतिशत घटकर करीब 3.58 करोड़ यूनिट रह गया। यह सितंबर क्वॉर्टर का एक दशक में सबसे निचला स्तर है।
हालांकि, भारतीय ब्रैंड्स के लिए इस मौके को सफलता में बदलना आसान नहीं होगा। उन्हें बेहतर प्रोडक्ट क्वॉलिटी, मजबूत सर्विस नेटवर्क और उपलब्ध स्टॉक के साथ ग्राहकों का भरोसा जीतना होगा।
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