Source :- LIVE HINDUSTAN
काली किशमिश स्वाद में मीठी और खाने में आसान होती है। इसे लोग अपनी रोज की डाइट में कई तरह से शामिल करते हैं। अगर आप भी इसे खाना पसंद करते हैं, तो इसके फायदे और सही तरीका जानना जरूरी है।
किशमिश तो आपने कई बार खाई होगी, लेकिन क्या आपने कभी काली किशमिश को अपनी रोज की डाइट में शामिल करने के बारे में सोचा है? काली किशमिश को अंगूर को सुखाकर बनाया जाता है और इसमें फाइबर, पोटैशियम, आयरन और कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। कई लोग इसे रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाते हैं, जबकि कुछ लोग इसे सीधे भी खाना पसंद करते हैं। आइए जानते हैं काली किशमिश खाने से क्या फायदे मिल सकते हैं और इसे किस तरह खाना ज्यादा आसान रहता है।
1. पाचन के लिए
काली किशमिश में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। अगर आपकी डाइट में फाइबर की कमी है, तो थोड़ी मात्रा में काली किशमिश को रोज के खाने का हिस्सा बना सकते हैं। इसके साथ पानी पीना भी जरूरी है।
2. कब्ज की परेशानी
किशमिश में मौजूद फाइबर मल को नरम रखने और आंतों की गतिविधि को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसलिए कब्ज की शिकायत रहने पर इसे डाइट में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, लगातार कब्ज रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
3. आयरन मिलता है
काली किशमिश में आयरन भी पाया जाता है। शरीर में आयरन की कमी होने पर थकान और कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में आयरन वाली दूसरी चीजों के साथ काली किशमिश को भी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
4. हड्डियों के लिए
काली किशमिश में कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बोन हेल्थ के लिए जरूरी होते हैं। इसमें थोड़ी मात्रा में कैल्शियम और बोरॉन भी पाया जाता है। लेकिन मजबूत हड्डियों के लिए सिर्फ किशमिश पर निर्भर रहने के बजाय पूरी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है।
5. दिल की सेहत के लिए
काली किशमिश में पोटैशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं। संतुलित मात्रा में इसे खाना दिल की सेहत के लिए अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकता है। साथ ही नमक, चीनी और बहुत ज्यादा तली चीजों को कम करना भी जरूरी है।
काली किशमिश खाने का सही तरीका क्या है?
काली किशमिश को खाने का कोई एक तय नियम नहीं है। आप इसे अच्छी तरह धोकर सीधे खा सकते हैं। अगर आपको भिगोकर खाना पसंद है, तो रात में कुछ काली किशमिश पानी में भिगो दें और सुबह इन्हें खा लें। भिगोने से किशमिश नरम हो जाती है और इसे खाना आसान हो जाता है। इसे दूध, दलिया, दही या दूसरे खाने में मिलाकर भी ले सकते हैं।
एक दिन में कितनी काली किशमिश खाएं?
काली किशमिश हेल्दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खा लें। आमतौर पर दिन में 10-12 काली किशमिश काफी होती हैं। इसमें नेचुरल शुगर और कैलोरी होती हैं, इसलिए जरूरत से ज्यादा खाने से बचें। अगर आपको मधुमेह है या आप किसी खास बीमारी के लिए दवा लेते हैं, तो इसे रोज की डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइट एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है।
काली किशमिश और नॉर्मल किशमिश में क्या फर्क है?
काली किशमिश और सामान्य किशमिश दोनों ही अंगूर को सुखाकर बनाई जाती हैं लेकिन इनके रंग, स्वाद, बनावट और पोषक तत्वों में फर्क होता है। काली किशमिश आमतौर पर गहरे रंग के अंगूरों से बनती है, जबकि सामान्य किशमिश हल्के रंग के अंगूरों से।
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