Home rss business hindi मोदी कैबिनेट का एक फैसला, पस्त बाजार में भी दहाड़ने लगा यह...

मोदी कैबिनेट का एक फैसला, पस्त बाजार में भी दहाड़ने लगा यह शेयर, 10% उछला भाव

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • केंद्रीय कैबिनेट ने 1.86 लाख करोड़ रुपये की PM-DHARA स्कीम को मंजूरी दी थी
  • इसके तहत 50 गीगावाट-घंटे की बैटरी भंडारण क्षमता के साथ राज्य के भीतर पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित की जाएगी

Multibagger power stock: सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर से भूचाल आ गया। इस हाहाकारी माहौल में भी कुछ शेयर रॉकेट की रफ्तार से बढ़े हैं। इनमें से एक शेयर ट्रांसफॉर्मर एंड रेक्टिफायर (इंडिया) लिमिटेड (TARIL) है। इस कंपनी के शेयर में 10% से ज्यादा की तेजी आई। शेयर में तेजी नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट में लिए गए एक फैसले की वजह से आई। आइए डिटेल जान लेते हैं।

क्या है फैसला?

दरअसल, केंद्रीय कैबिनेट ने 1.86 लाख करोड़ रुपये की PM-DHARA स्कीम को मंजूरी दी थी। इसके तहत 50 गीगावाट-घंटे की बैटरी भंडारण क्षमता के साथ राज्य के भीतर पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित की जाएगी, जिससे 135 गीगावाट तक की रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

PM-DHARA स्कीम का मकसद राज्य के भीतर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और 135 GW तक रिन्यूएबल एनर्जी को आगे पहुंचाने के लिए 50 GWh की बैटरी स्टोरेज क्षमता लगाना है। यह पहल इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। योजना को वित्त वर्ष 2032-33 तक स्थापित करने का लक्ष्य है।

इसके तहत कुल 1,86,405 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें राज्य के भीतर पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 1,36,378 करोड़ रुपये और 50 गीगावाट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए 50,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। योजना के लिए केंद्र सरकार कुल 54,082 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी। यह सहायता राज्य के भीतर ट्रांसमिशन शुल्क के बोझ को कम करने में मदद करेगी और इससे बिजली की लागत को नियंत्रित रखने में सहायता मिलेगी। इसका लाभ अंततः उपभोक्ताओं को मिलेगा।

योजना के तहत ट्रांसमिशन प्रणाली से जुड़ी सभी नई परियोजनाओं को शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिये लागू किया जाएगा। मौजूदा परियोजनाओं को आधुनिक बनाने और नेटवर्क को मजबूत करने के काम लागत-आधारित व्यवस्था के तहत किए जाएंगे।

शेयर का परफॉर्मेंस

गुरुवार को शेयर में 10.5% तक की बढ़त हुई और यह ₹298.70 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। इतनी बड़ी बढ़त के बावजूद शेयर अक्टूबर 2025 में बने ₹501.25 के 52 हफ्ते के हाई से नीचे ही रहा। इसका 52 हफ्ते का निचला स्तर ₹224.30 है, जो फरवरी 2026 में देखा गया था। TARIL के शेयर में एक महीने में लगभग 6% और तीन महीनों में 10% की गिरावट आई है। पिछले एक साल में शेयर 40% से ज्यादा गिरा है। हालांकि, लंबे समय में इसका प्रदर्शन शानदार रहा है। अगर पांच वर्षों के रिटर्न की बात करें तो शेयरों ने 2,000% से अधिक का रिटर्न दिया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN