Source :- LIVE HINDUSTAN
सत्ता से हटाए जाने की दूसरी बरसी पर दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए एक ऑडियो संदेश में भी हसीना ने लौटने की बात कही थी। उन्होंने तब कहा था कि मेरी किस्मत में जो भी लिखा हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने सोमवार को फिर दोहराया कि गिरफ्तारी, प्रताड़ना या मौत के जोखिम के बावजूद वह दिसंबर में बांग्लादेश जरूर लौटेंगी। वाशिंगटन डीसी में ‘सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाऊंगी।” वह इस कार्यक्रम में वर्चुअली (ऑनलाइन) शामिल हुई थीं। हसीना ने कहा, “मुझे पता है कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और प्रताड़ित कर सकते हैं। बावजूद इसके मुझे डर नहीं है।” 79 वर्षीय हसीना ने कहा कि वह पहले भी गिरफ्तारी और प्रताड़ना का सामना कर चुकी हैं, लेकिन फिर भी वापस लौटना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “वहां जाना मेरी ज़िम्मेदारी है।”
5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के बाद सत्ता गंवाने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। अपनी वापसी का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने कहा, “मैं जानती हूँ कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और प्रताड़ित कर सकते हैं, लेकिन डर मेरे कर्तव्य का फैसला नहीं कर सकता।” हसीना ने स्पष्ट किया कि दिसंबर में उनकी और अवामी लीग की वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश में विकास, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता की बहाली के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि अगर मौत आनी ही है, तो वह उनकी अपनी मातृभूमि की मिट्टी पर आए जहाँ उनके माता-पिता की समाधि है और जहां उनका खून बहा था।
ट्रंप का धन्यवाद और तारिक रहमान पर तीखा हमला
इंडिया टुडे के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान शेख हसीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि USAID की फंडिंग रोकने के उनके फैसले से पैसा गलत हाथों में जाने से बचेगा। इसके साथ ही उन्होंने तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार को भ्रष्ट करार देते हुए उस पर बड़े पैमाने पर बेरोजगारी, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली के गंभीर आरोप लगाए।
फांसी की सजा और प्रत्यर्पण की मांग
गौरतलब है कि बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने नवंबर 2025 में 2024 के प्रदर्शनों पर कार्रवाई के सिलसिले में शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। हसीना ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है। ढाका की ओर से भारत से उनके प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग की गई है, जिस पर नई दिल्ली ने कहा है कि वह अपनी आंतरिक कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत इस अनुरोध की जांच कर रहा है।
‘डर मेरे कर्तव्य का फैसला नहीं कर सकता’
बता दें कि सत्ता से हटाए जाने की दूसरी बरसी पर दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए एक ऑडियो संदेश में भी हसीना ने लौटने की बात कही थी। उन्होंने तब कहा था, “मेरी किस्मत में जो भी लिखा हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी। जब मेरे प्यारे देशवासी तकलीफ झेल रहे हों, तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती।” उन्होंने माना कि उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या जेल में डाला जा सकता है, लेकिन कहा कि “डर, लोगों के प्रति मेरे कर्तव्य का फैसला नहीं कर सकता।” उन्होंने आगे कहा कि उनके लौटने की सही तारीख की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। हसीना ने कहा कि उनकी वापसी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अवामी लीग की भागीदारी का मकसद “सत्ता पाना” नहीं, बल्कि विकास, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता को बहाल करना है। जुलाई में रॉयटर्स और एएफपी को दिए अलग-अलग साक्षात्कारों में, उन्होंने कहा था कि उन्हें वापस लौटने के जोखिमों का पता है।
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