Source :- LIVE HINDUSTAN

Yes Bank share: प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक के शेयर में बुधवार को तूफानी तेजी देखी गई। सप्ताह के तीसरे दिन यह शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर यस बैंक के शेयरों में 6.5% तक की बढ़त हुई और ये ₹25.45 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। यह लगातार चौथा कारोबारी दिन है जब शेयर में उछाल आया है। इस दौरान बैंक के शेयर 15% से ज्यादा बढ़ चुके हैं। शेयर के फ्यूचर को लेकर ब्रोकरेज का क्या कहना है, आइए जान लेते हैं। बता दें कि यस बैंक शेयर की कीमत 2026 में 17% और एक साल में लगभग 26% बढ़ी है।

क्यों आई है तेजी?

फंडामेंटल नजरिए से देखें तो हालिया तेजी की वजह यस बैंक की नॉर्दर्न आर्क कैपिटल के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप है। इसका मकसद क्रेडिट तक पहुंच बढ़ाना, डिजिटल लेंडिंग को बढ़ाना और ग्राहकों को डेट इन्वेस्टमेंट के मौके देना है। Religare ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा कि हम शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सलाह देते हैं कि वे ₹26 के पास आंशिक प्रॉफिट बुक करने पर विचार करें और दोबारा एंट्री करने से पहले उस लेवल के ऊपर लगातार मजबूती का इंतजार करें।

अजीत मिश्रा के मुताबिक बैंक के शेयर की कीमत में ₹17 के पास के अहम सपोर्ट जोन से अच्छी रिकवरी दिखी है। अब यह ₹26 के पास एक बड़ी रुकावट की ओर बढ़ रहा है, जो इसके 20-हफ्ते के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (WEMA) के बराबर है। उम्मीद है कि स्टॉक उस लेवल के आसपास कुछ कंसोलिडेशन का सामना करेगा और ₹26 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से रिकवरी का अगला दौर शुरू हो सकता है।

Motilal Oswal में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट रुचिट जैन ने कहा कि बैंकिंग और NBFC सेक्टर में तेजी आनी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि बैंक ने पिछले कुछ सेशन में बढ़ते वॉल्यूम के सपोर्ट से अपने ₹24 के अहम रेजिस्टेंस लेवल को पार कर लिया है। Bonanza के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जगद ने कहा कि स्टॉक ने लंबे समय से चली आ रही घटती ट्रेंडलाइन रेजिस्टेंस के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट दिया है। इसे एक मजबूत बुलिश कैंडल का सपोर्ट मिला है। जगद ने शेयर का ₹31 तक का टारगेट प्राइस दिया है।

बैंक के तिमाही नतीजे

यस बैंक ने FY26 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 45% की बढ़ोतरी दर्ज की और यह ₹1068 करोड़ हो गया। तिमाही के लिए बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम साल-दर-साल 16% बढ़कर ₹2,638 करोड़ हो गई। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 20 बीपीएस बढ़कर 2.7% हो गया जबकि एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेश्यो साल-दर-साल बीपीएस bps घटकर 1.3% हो गया।

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