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यूक्रेन युद्ध: स्टेशन पर खड़ी दो ट्रेन पर ड्रोन अटैक, रूसी हमले में 13 लोगों की मौत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यूक्रेन में एक स्टेशन पर रूसी ड्रोन से हमला हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि तेल सप्लाई में छूट मिलने के बाद रूस लगातार हमलों की संख्या बढ़ा रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध बदस्तूर जारी है। गुरुवार को रूसी ड्रोन्स ने डेनिप्रो में एक स्टेशन पर खड़ी दो ट्रेन पर हमला किया। इस हमले में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए रूस की निंदा की है। उन्होंने अपने यूरोपीय मित्रों से मॉस्को के ऊपर और भी कड़े और नए प्रतिबंध लगाने की अपील की।

सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने लिखा कि इस हमले के बाद तनाव कम होने की जगह और बढ़ गया है। उन्होंने लिखा, “डेनिप्रो के रेलवे स्टेशन पर रूस की तरफ से एक भयानक हमला हुआ है। इसमें 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग घायल हैं।”

जेलेंस्की ने ट्रंप द्वारा रूस के ऊपर प्रतिबंध में दी गई ढील को लेकर ट्रंप पर सांकेतिक तौर से निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब से रूस के ऊपर से तेल सप्लाई के प्रतिबंध हटे हैं, वह लगातार हमले कर रहा है। अभी तक उसने तनाव कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। यही कारण है कि यूक्रेन हमेशा कहता रहा है कि रूस की बढ़ती आक्रामकता के जवाब में अमेरिका और यूरोप को उचित निर्णायक कदम उठाना चाहिए। जब तक रूस युद्ध जारी है, तब तक मॉस्को और उसके युद्ध तंत्र के ऊपर लगे प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए।

बता दें, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के ऊपर लगे प्रतिबंधों को कुछ समय के लिए हटा दिया था। वैश्विक स्तर पर डीजल की कीमतों को कम करने के लिए ट्रंप ने पुतिन के साथ डील की थी। इसमें रूस को अमेरिका और कई देशों को डीजल सप्लाई करने की सहूलियत दी गई थी। इस फैसले का यूक्रेन ने जमकर विरोध किया था। हालांकि, इसके बाद भी ट्रंप अपने फैसले पर अड़े रहे। रूस ने अमेरिका के लिए डीजल भेज भी दिया है।

रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगें- जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक बार फिर से अपने यूरोपीय और अमेरिकी साथियों से रूस पर प्रतिबंध लगाने की अपील की। उन्होंने लिखा, “समय आ गया है कि यूरोपीयन यूनियन और जी7 रूस के ऊपर और नए और कड़े प्रतिबंध लागू करे।”

बता दें, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की लगातार इस मुद्दे को लेकर यूरोप और अमेरिका की मदद मांगते रहे हैं। शुरुआत में यूरोपीय देशों और अमेरिका ने कीव की मदद भी की। लेकिन ट्रंप के आने के बाद मामला बदल गया। अमेरिका यूक्रेन युद्ध को एक व्यापार के लिए उपयुक्त माहौल के तौर पर देखने लगा। ट्रंप ने यूक्रेन में होने वाले पूरे खर्च का बोझ नाटो के सदस्य देशों के ऊपर डाल दिया।

इसके बाद भी यूरोपीय देश अमेरिका से सहमत होते हुए नजर आए। उन्होंने बैंकों में जमा रूसी एसेट्स का इस्तेमाल करके यूक्रेन की मदद करना शुरू कर दिया। लेकिन इसके बाद ट्रंप ने ईरान में युद्ध शुरू करके एक बड़ा परेशानी खड़ी कर दी।

होर्मुज के बंद होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में यूरोप की ठहरी हुई अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ। बढ़ती हुई महंगाई की वजह से आज यूरोप के लोग सड़कों पर हैं। यूरोप की पूरी संरचना बिगड़ गई है। दूसरी तरफ अभी भी यूक्रेन युद्ध के समाप्त होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN