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राहत की खबर: Telegram की भारत में फिर से हुई वापसी, NEET विवाद के बाद App Store और Play Store पर लौटा ऐप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

NEET परीक्षा के बाद अब Telegram ऐप की सर्विस फिर से शुरू हो गई है। ऐप दोबारा App Store और Google Play Store पर उपलब्ध हो गया है। Telegram बैन का फैसला NEET री-एग्जाम से पहले लिया गया था ताकि परीक्षा से जुड़ी किसी भी गलत जानकारी को फैलने से रोका जा सके।

भारत में लाखों लोग मैसेजिंग और चैनल अपडेट्स के लिए Telegram का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन पिछले कई दिनों से NEET परीक्षा के कारण टेलीग्राम यूजर्स ऐप का यूज नहीं कर पा रहे थे साथी ही कुछ यूजर्स को डाउनलोड करने में भी दिक्कत आ रही थी और कुछ मामलों में यह App Store और Play Store पर भी दिखाई नहीं दे रहा था। मंगलवार को Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए गए, जिसके बाद इसकी मैसेजिंग सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं। NEET-UG री-एग्जाम के दौरान सुरक्षा कारणों से पूरे देश में Telegram को 22 जून तक ब्लॉक किया गया था। अब यूजर्स Telegram ऐप को Google Play Store और Apple App Store से दोबारा डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते हैं। हालांकि, प्लेटफॉर्म पर मैसेज या पोस्ट एडिट करने की सुविधा 30 जून तक बंद रहेगी।

क्या था पूरा मामला

NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखी थी। इसी दौरान Telegram से जुड़े कुछ चैनल और ग्रुप्स भी जांच के दायरे में आए। हालांकि अब स्थिति साफ हो चुकी है और प्लेटफॉर्म सामान्य रूप से काम कर रहा है। इससे उन छात्रों, कंटेंट क्रिएटर्स और बिजनेस यूजर्स को राहत मिली है जो रोजाना Telegram का उपयोग करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ Telegram चैनलों का इस्तेमाल एग्जाम से जुड़ी जानकारी फैलाने के लिए किया गया था।

इस वजह से लगाया गया बैन

पिछले हफ्ते MeitY ने एहतियात के तौर पर भारत में Telegram पर अस्थायी रोक लगा दी थी। यह फैसला NEET री-एग्जाम से पहले लिया गया था ताकि परीक्षा से जुड़ी किसी भी गलत जानकारी को फैलने से रोका जा सके। सरकार का आरोप था कि Telegram पर NEET री-एग्जाम से जुड़े फर्जी question पेपर , भ्रामक जानकारी और अन्य धोखाधड़ी वाली गतिविधियां फैल रही थीं। इसी वजह से प्लेटफॉर्म पर यह कार्रवाई की गई। Telegram पर बैन लगाने से पहले 3 जून को सरकारी अधिकारियों ने Telegram के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की थी।

इस दौरान प्लेटफॉर्म पर फैल रही गलत जानकारी और फर्जी कंटेंट को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने Telegram ऐप, उससे जुड़े वेब लिंक और उसके वेब वर्जन को भी 22 जून तक ब्लॉक करने का फैसला लिया था। NEET री-एग्जाम 21 जून को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। राहत की बात यह रही कि परीक्षा के दौरान अब तक किसी तरह की धोखाधड़ी, फर्जी पेपर या गलत गतिविधि की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

Telegram के CEO ने किया था इस बैन का विरोध

Telegram के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने प्लेटफॉर्म पर एक हफ्ते के बैन को लेकर सरकार के फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा था कि कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर लीक हुए परीक्षा पेपर साझा करने की वजह से पूरे Telegram प्लेटफॉर्म पर रोक लगाना सही नहीं है। ड्यूरोव का कहना था कि इस फैसले से भारत के 15 करोड़ से ज्यादा वैध Telegram यूजर्स प्रभावित हुए, जबकि कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए थी जो परीक्षा से जुड़ी कंटेंट लीक करने या फैलाने के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गलती की सजा लाखों आम यूजर्स को नहीं मिलनी चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN