Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- 1 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड सुनने में काफी बड़ा लगता है
- लेकिन क्या सच में 1 करोड़ रुपये जमा हो जाएं तो नौकरी छोड़कर आराम की जिंदगी जी सकते हैं? शायद नहीं
- महंगाई, मेडिकल खर्च, घर का किराया और रिटायरमेंट की उम्र जैसे कई फैक्टर इस रकम को छोटा कर सकते हैं
1 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड सुनने में काफी बड़ा लगता है। लेकिन क्या सच में 1 करोड़ रुपये जमा हो जाएं तो नौकरी छोड़कर आराम की जिंदगी जी सकते हैं? शायद नहीं। महंगाई, मेडिकल खर्च, घर का किराया और रिटायरमेंट की उम्र जैसे कई फैक्टर इस रकम को छोटा कर सकते हैं। एक नई स्टडी में भी सामने आया है कि अब ज्यादा लोग मान रहे हैं कि 1 करोड़ रुपये आरामदायक रिटायरमेंट के लिए काफी नहीं होंगे। तो आखिर कितने करोड़ का फंड चाहिए और आपका ‘मैजिक नंबर’ क्या हो सकता है?
1 करोड़ रुपये का टारगेट अब क्यों पड़ रहा छोटा?
भारत में लंबे समय से 1 करोड़ रुपये को रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा और सुरक्षित आंकड़ा माना जाता रहा है। लेकिन लोगों की सोच अब बदल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में सिर्फ 70 फीसदी शहरी भारतीय मानते हैं कि 1 करोड़ रुपये या इससे कम रकम आरामदायक रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त है। एक साल पहले यह आंकड़ा 77 फीसदी था। यानी अब ज्यादा लोग मान रहे हैं कि रिटायरमेंट के लिए 1 करोड़ रुपये शायद काफी नहीं होंगे। 15 लाख रुपये से ज्यादा सालाना कमाने वाले परिवारों में तो सिर्फ 51 फीसदी लोगों को लगता है कि 1 करोड़ रुपये पर्याप्त हैं। वहीं मेट्रो शहरों में यह आंकड़ा 63 फीसदी है।
असल में कितने पैसे चाहिए?
इसका कोई एक जवाब नहीं है। आपकी जरूरत इस बात पर निर्भर करेगी कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने कितना खर्च होगा, आप कितनी उम्र में रिटायर होंगे और आपके पास अपना घर है या किराए पर रहना होगा।
अगर 4 फीसदी की दर से सालाना रकम निकाली जाए तो 1 करोड़ रुपये से करीब 33,000 रुपये महीने मिल सकते हैं। मेट्रो शहर में अपना घर होने पर भी इतने पैसे में सिर्फ सीमित खर्च वाला जीवन चलाना मुश्किल हो सकता है। वहीं 2 करोड़ रुपये से करीब 67,000 रुपये महीने और 5 करोड़ रुपये से करीब 1.65 लाख रुपये महीने निकाले जा सकते हैं।
महंगाई बिगाड़ सकती है खेल
आज अगर आपको लगता है कि 1 करोड़ रुपये बहुत बड़ी रकम है, तो 15-20 साल बाद इसकी कीमत जरूर सोचिए। मान लीजिए महंगाई औसतन 6 फीसदी सालाना रहती है। ऐसे में आज के 1 करोड़ रुपये की खरीदारी क्षमता 20 साल बाद करीब 31 लाख रुपये जितनी रह सकती है। यानी अगर आज आप 1 करोड़ रुपये में जिस लाइफस्टाइल को चला सकते हैं, वही लाइफस्टाइल 20 साल बाद बनाए रखने के लिए आपको करीब 3.2 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ सकती है।
आज का खर्च ही तय करेगा आपका रिटायरमेंट फंड
रिटायरमेंट की प्लानिंग करने का बेहतर तरीका यह है कि पहले यह देखें कि आज आपका परिवार हर महीने कितना खर्च करता है। मान लीजिए आपका आज का मंथली खर्च 75,000 रुपये है। अगर खर्च 6 फीसदी सालाना की दर से बढ़ता है, तो 20 साल बाद इसी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए करीब 2.4 लाख रुपये महीने की जरूरत पड़ सकती है। अगर आज आपका खर्च 1 लाख रुपये महीने है, तो 20 साल बाद यही खर्च 3.2 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है।
जल्दी रिटायर होना है तो फंड भी बड़ा चाहिए
रिपोर्ट के मुताबिक 10 में से करीब 7 शहरी भारतीय चाहते हैं कि अगर पैसे की चिंता न हो तो वे 58 साल की पारंपरिक रिटायरमेंट उम्र से पहले काम छोड़ दें। इनमें से करीब आधे लोग 50 साल से पहले आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहते हैं। लेकिन जल्दी रिटायर होने का मतलब है कि आपकी बचत को ज्यादा साल तक आपका खर्च उठाना होगा। इसलिए 45 या 50 साल में रिटायर होने वाले व्यक्ति को 60 साल में रिटायर होने वाले व्यक्ति की तुलना में ज्यादा बड़ा कॉर्पस चाहिए।
हेल्थ खर्च को भूलना सबसे बड़ी गलती
रिटायरमेंट प्लान बनाते समय सिर्फ रोजमर्रा के खर्च का हिसाब लगाना काफी नहीं है। बढ़ती उम्र के साथ मेडिकल खर्च बड़ा बोझ बन सकता है। 75 फीसदी लोगों को उम्मीद है कि वे रिटायरमेंट में स्वस्थ रहेंगे, लेकिन सिर्फ 52 फीसदी लोगों के पास हेल्थ इंश्योरेंस है। इसलिए रिटायरमेंट फंड के साथ पर्याप्त हेल्थ कवर और अलग मेडिकल इमरजेंसी फंड रखना भी जरूरी है।
तो आपका ‘मैजिक नंबर’ क्या है?
किसी के लिए 1 करोड़ काफी हो सकता है, तो किसी को 3 करोड़, 5 करोड़ या इससे भी ज्यादा की जरूरत पड़ सकती है। अगर अपना घर है, लोन नहीं है और पेंशन या किराये से नियमित आमदनी आती है तो जरूरत कम हो सकती है। लेकिन अगर रिटायरमेंट के बाद किराया देना है, बच्चों या परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी है और 50-55 साल में नौकरी छोड़नी है, तो बड़ा कॉर्पस जरूरी होगा।
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