Source :- LIVE HINDUSTAN
कनाडा में गोलीबारी, जबरन वसूली और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर मामलों में नाम आने वाले भारतीय युवक जसदीप सिंह ने आव्रजन सुनवाई में दावा किया है कि उन्हें अपने करीबी दोस्त अर्शदीप सिंह के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की कोई जानकारी नहीं थी।
कनाडा में गोलीबारी, जबरन वसूली और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर मामलों में नाम आने वाले भारतीय युवक जसदीप सिंह ने आव्रजन सुनवाई में दावा किया है कि उन्हें अपने करीबी दोस्त अर्शदीप सिंह के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की कोई जानकारी नहीं थी। उसने कहा कि उनका एकमात्र अपराध दोस्त से सवाल न पूछना था। अर्शदीप सिंह (22) को मार्च 2026 में कनाडा से भारत प्रत्यर्पित किया जा चुका है। वह ऑन्टारियो, अल्बर्टा और ब्रिटिश कोलंबिया में गोलीबारी, आगजनी, जबरन वसूली, वाहन चोरी और बीमा धोखाधड़ी जैसे कई गंभीर आरोपों में वांछित था।
कनाडा के आव्रजन और शरणार्थी बोर्ड (IRB) की सुनवाई में जसदीप सिंह ने विस्तृत गवाही देते हुए कहा कि उन्हें अर्शदीप की आपराधिक गतिविधियों की बिल्कुल जानकारी नहीं थी। उसने जोर देकर कहा कि मैं उसे खिलौना बंदूक समझकर उसके साथ मजाक कर रहा था। हमने तस्वीरें भी खिंचवाई थीं। मुझे कभी अंदाजा नहीं था कि यह असली बंदूक है और मेरे दोस्त का बिश्नोई गिरोह से कनेक्शन है। जसदीप सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि यह मेरी गलती थी। उस समय मैंने उनसे क्यों नहीं पूछा कि वे बंदूक क्यों लेकर आए हैं? मुझे नहीं पता था कि सिर्फ हाथ में पकड़ने भर से मुझे जबरन वसूली के मामले में फंसाया जा सकता है।
छात्र के तौर पर कनाडा गया जसदीप
जसदीप दिसंबर 2022 में छात्र के रूप में कनाडा पहुंचा था और फिलहाल पोस्ट ग्रेजुएट वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन के फैसले का इंतजार कर रहा है। कनाडा सरकार के आव्रजन विभाग (IRCC) ने उन्हें संगठित अपराध में संलिप्तता के आधार पर निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान भावुक होते हुए जसदीप ने कहा कि मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है। मैं परिवार के सदस्यों से आंखें मिलाकर बात नहीं कर पा रहा हूं।
पूरा मामला क्या है?
जसदीप सिंह ने बताया कि अर्शदीप सिंह उनके कॉलेज के दिनों का पुराना दोस्त है। दोनों अमेजन के गोदाम में साथ काम करते थे। गोलीबारी वाली घटना से एक दिन पहले अर्शदीप ने फोन पर बताया कि अगले दिन उसका जन्मदिन है और वह जसदीप के घर रुकना चाहता है। अर्शदीप बैग लेकर पहुंचा और उसमें से पिस्तौल निकालकर सबको दिखाई। जसदीप ने गवाही में कहा कि मुझे नहीं पता था कि वह लाइसेंसी था कि नहीं। मैंने उसे उठाया और मजाक में अपने एक रूममेट के सिर पर रख दिया, ठीक वैसे जैसे फिल्मों में देखा था। हम हंस रहे थे। बाद में हमलोग अर्शदीप की मस्टैंग कार में गए, जहां अर्शदीप ने हवा में कई राउंड फायरिंग किए। जसदीप ने दावा किया कि वह केवल साथ में था और किसी सक्रिय भूमिका में शामिल नहीं था। अगले दिन अर्शदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में बिश्नोई गिरोह का कनेक्शन
एडमॉन्टन पुलिस के कांस्टेबल केविन सेंट लुइस ने आव्रजन न्यायाधिकरण को बताया कि जसदीप सिंह का नाम लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े जबरन वसूली के मामलों की जांच के दौरान सामने आया। अर्शदीप सिंह की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस को जसदीप तक पहुंची। अर्शदीप सिंह पर एडमॉन्टन में गोलीबारी, सरे में जबरन वसूली, ऑन्टारियो में आगजनी और देश के विभिन्न हिस्सों में वाहन चोरी व बीमा फ्रॉड के मामले दर्ज थे।
जसदीप सिंह का निर्वासन अभी लंबित है। आव्रजन बोर्ड का फैसला जल्द आने की संभावना है। जसदीप ने दलील दी है कि वह कनाडा में कानूनी रूप से रह रहे थे और किसी आपराधिक गतिविधि में सक्रिय रूप से शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि केवल दोस्ती की वजह से अनजाने में इस मामले में फंस गए।
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