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सऊदी अरब ने अपने ही पांच नागरिकों को दे दी फांसी, आतंकवाद का लगाया आरोप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सऊदी अरब ने अपने ही पांच नागरिकों को फांसी की सजा दे दी। इन पांचों को आतंकवाद संबंधी आरोपों में दोषी ठहराया गया था। जिन लोगों को फांसी दी गई, उन पर विदेशी संगठन से जुड़ने का, सुरक्षा बलों पर हमला करने का और सऊदी अरब के अंदर हमलों का समर्थन करने का आरोप था।

सऊदी अरब ने अपने ही पांच नागरिकों को फांसी की सजा दे दी। इन पांचों को आतंकवाद संबंधी आरोपों में दोषी ठहराया गया था। जिन लोगों को फांसी दी गई, उन पर विदेशी संगठन से जुड़ने का, सुरक्षा बलों पर हमला करने का और सऊदी अरब के अंदर हमलों का समर्थन करने का आरोप था। पांच नागरिकों और उनके कथित आतंकवादी अपराधों से जुड़े होने के बारे में और जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

दो बांग्लादेशियों को भी दी गई थी फांसी

इससे पहले, 15 अक्टूबर को सऊदी में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी की सजा दी गई थी। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने बताया कि उन्हें एक मस्जिद के अंदर गलत काम करने का दोषी पाया गया था। फांसी बुधवार को मक्का इलाके में दी गई। गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, जिन दो लोगों को फांसी दी गई, वे नजरुल इस्लाम अब्दुल बसीर और सिती अख्तर हैं। दोनों बांग्लादेश के नागरिक थे। मंत्रालय ने साफ कहा कि सुरक्षा अधिकारियों ने जांच पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद उन पर आरोप लगाए गए और मामला एक सक्षम अदालत को सौंप दिया गया।

गौरतलब है कि सऊदी में हूतियों के हमलों के चलते हालात खराब हैं। भारत ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को शुक्रवार को हवाई हमले की स्थिति में घरों के अंदर रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। साथ ही उमरा पर जाने वाले लोगों समेत अन्य यात्रियों से अपनी यात्रा के दौरान उड़ानों को लेकर जारी व्यवधान का ध्यान रखने को भी कहा।

यह नया परामर्श यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी देश में बढ़े तनाव के बीच जारी किया गया है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने 10 अक्टूबर को रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में घायल भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि दो लोग अब भी गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं, जबकि एक व्यक्ति को आईसीयू से स्थानांतरित कर दिया गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN