Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 Series VII के समय से पहले रिडेम्प्शन यानी निवेश भुनाने की कीमत घोषित कर दी है
- इसके लिए 19 अक्टूबर की तारीख तय की गई है
- जिन निवेशकों ने बॉन्ड पर दांव लगाया होगा उन्हें प्रति ग्राम ₹9613 का मुनाफा होने वाला है
बीते कुछ साल में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) ने निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया है। जिन निवेशकों ने इस बॉन्ड में निवेश किया होगा, वो अब मालामाल हो गए होंगे। आज हम इसकी चर्चा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 Series VII के समय से पहले रिडेम्प्शन यानी निवेश भुनाने की कीमत घोषित कर दी है। आइए जान लेते हैं कि इस बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों को रिडेम्प्शन पर कितना तगड़ा रिटर्न मिला है।
5001 रुपये में जारी हुआ था गोल्ड बॉन्ड
केंद्रीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 Series VII को 20 अक्टूबर 2020 को जारी किया गया था। जब इसे जारी किया गया तब ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए इसका इश्यू प्राइस ₹5001 प्रति ग्राम था। अब समय से पहले रिडेम्प्शन के लिए इसकी कीमत ₹14614 प्रति यूनिट तय की गई है। यानी निवेशकों को प्रति ग्राम ₹9613 का मुनाफा होगा।
कहने का मतलब है कि निवेशकों को 6 साल की अवधि में करीब 192 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला है। रकम के हिसाब से बात करें तो अगर किसी निवेशक ने इस गोल्ड बॉन्ड में ₹1 लाख लगाए थे तो रिडेम्प्शन के समय उसकी निवेश राशि की कीमत लगभग ₹2.92 लाख हो सकती है। इसमें निवेश के दौरान मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है। वास्तविक भुगतान निवेश की गई यूनिट्स की संख्या के आधार पर होगा। इसमें होल्डिंग अवधि के दौरान मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है।
रिडेम्प्शन की तारीख
20 अक्टूबर को दशहरा की वजह से इस सीरीज के लिए समय से पहले रिडेम्प्शन की तारीख 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है। आपको बता दें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा जारी होने की तारीख से पांच साल पूरे होने के बाद, ब्याज भुगतान की तारीख पर मिलती है। अक्टूबर 2026 में कुछ अन्य सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सीरीज के लिए भी समय से पहले रिडेम्प्शन की तारीख निर्धारित है। इनमें SGB 2020-21 Series I के लिए 28 अक्टूबर और SGB 2019-20 Series VI के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख शामिल है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के बारे में
यह सरकारी सिक्योरिटीज हैं, जिनका मूल्य सोने के ग्राम में तय होता है। ये फिजिकल सोना (असली सोना) रखने का एक विकल्प हैं। निवेशकों को इश्यू प्राइस (जारी होने की कीमत) का भुगतान करना होता है और मैच्योरिटी पर बॉन्ड को रिडीम करके निवेशकों को पैसे वापस कर दिए जाते हैं। यह गोल्ड बॉन्ड सरकार की ओर से RBI द्वारा जारी किया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर शुरुआती निवेश की राशि पर सालाना 2.50% (फिक्स्ड रेट) की दर से ब्याज मिलता है।
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