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Jio Platforms IPO का GMP दिखा रहा करीब 20% का लिस्टिंग गेन; दांव लगाने को लेकर एक्सपर्ट की क्या है राय?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • Jio Platforms IPO Details: ग्रे मार्केट में इस समय जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है
  • मौजूदा जीएमपी करीब 20 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन को दिखा रहा है

Jio Platforms IPO Details: जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर तक रिटेल निवेशकों के लिए खुला रहेगा। कंपनी ग्रे मार्केट में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में निवेशकों को लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। कंपनी के आईपीओ का साइज 30213 करोड़ रुपये है। इश्यू पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी।

एंकर निवेशकों के लिए जियो का आईपीओ 19अक्टूबर को खुल जाएगा।

आईपीओ का लॉट साइज कितना (Jio IPO Lot size)

जियो के आईपीओ का प्राइस बैंड कंपनी ने 1065 रुपये से 1119 रुपये प्रति शेयर तय किया है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 12 शेयरों का एक लॉट बनाया है। जिसकी वजह से निवेशकों को कम से कम 13428 रुपये का दांव लगाना होगा। ॉ

GMP दिखा रहा है करीब 20% का लिस्टिंग गेन (Jio IPO GMP Today)

इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में आईपीओ आज 221.50 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। जोकि करीब 20 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन को दिखा रहा है। मौजूदा समय में आईपीओ की ग्रे मार्केट में स्थिति काफी अच्छी है।

एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं?

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रोकरेज हाउस Emkay Global ने जियो के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। इस ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी की टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत स्थिति को रेखांकित किया है। जून 2026 तक के डाटा के अनुसार कंपनी के पास 533.30 मिलियन कस्टमर्स थे। जियो चीन के बाहर 5जी सर्विस देने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। Emkay Global ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है।

कंपनी की आर्थिक स्थिति की बात करें तो CAGR वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के दौरान 15.80 प्रतिशत रहा है। EBITDA और टैक्स भुगतान के बाद प्रॉफिट इस दौरान क्रमशः 16.2 प्रतिशत और 18.40 प्रतिशत रहा है। बता दें, कंपनी का EBITDA वित्त वर्ष 2024 में 54341 करोड़ रुपये रहा था। जोकि वित्त वर्ष 2026 में 73382 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

आईपीओ में किसके लिए कितना हिस्सा

क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत रिजर्व है। एनआईआई के लिए 15 प्रतिशत आरक्षित किया गया है।

(डिस्क्लेमर: ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों का प्रीमियम लगातार बदलता रहता है, इसलिए किसी भी आईपीओ पर दांव लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उसके कारोबार की पूरी जानकारी जरूर कर लें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN