Source :- LIVE HINDUSTAN
सुबह 5 बजे उठना या चीनी छोड़ना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में फिजिकल थेरेपिस्ट डॉक्टर शानिया ग्रोड ने ऐसा ना कर पाने से जुड़ी अहम वजह बताई हैं और इसे कैसे ठीक कर सकते हैं।
सुबह 5 बजे उठना हो या चीनी छोड़ना हो, कई लोगों के लिए अपनी आदतों में बदलाव करना आसान नहीं होता। फिर चाहें उन्हें ये बात पता हो कि ये आदतें सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन फिर भी बदलाव कई बार मुश्किल लगता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे नींद का पैटर्न, रोजाना का रूटीन और मीठे की क्रेविंग जैसे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में फिजिकल थेरेपिस्ट डॉक्टर शानिया ग्रोड ने बताया इन आदतों को बदलने में क्यों मुश्किल होती है और इसे कैसे ठीक कर सकते हैं।
फिजिकल थेरेपिस्ट ने बताया सुबह 5 बजे उठना या चीनी छोड़ना क्यों मुश्किल होता है?
1) आप रात 11 बजे बिस्तर पर जाते हैं, लेकिन आपके दिमाग में पहले से 47 टैब खुले होते हैं। जिसकी वजह से आप ज्यादा सोचते हैं और नींद उड़ जाती है।
2) कुछ लोग सोने के लिए जैसे ही लाइट बंद करते हैं वैसे ही अचानक सालों पुरानी कही गई कोई बात याद आने लगती है।
3) आपकी नींद बहुत खराब होती है, इसलिए दोपहर तक एक्टिव रहने के लिए आपको चीनी की जरूरत पड़ती है।
4) एक्सपर्ट कहती हैं कि आपको शायद किसी ने कभी नहीं बताया कि आपका दिमाग कोई स्टोरेज यूनिट नहीं है।
डॉक्टर से जानिए कैसे ठीक करें ये आदतें
- दिन भर अपने शरीर को एक्टिव रखें। बॉडी को एक्टिव रखने से कई फायदे मिलते हैं। इसके लिए टहलें, वजन उठाएं, स्ट्रेचिंग करें। इसके अलावा भी आप अपनी पसंद की किसी भी एक्टिविटी करके खुद को एक्टिव रख सकते हैं। एक्सपर्ट कहती हैं कि थका हुआ शरीर बेहतर तरीके से सोता है।
- रात 8:30 बजे तक अपने फोन को कमरे के दूसरी तरफ चार्जर पर लगा दें। इसे अपने बिस्तर के पास न रखें, बल्कि कमरे के दूसरे कोने में रखें। कोशिश करें कि सोने से पहले ही फोन को रूम से बाहर ही रख दें।
- रात 8:45 बजे ‘ब्रेन डंप’ (दिमाग का बोझ खाली करना) करें। इसके लिए एक नोटबुक और पेन लें और फिर सब कुछ लिख डालें। इसमें कल के काम की लिस्ट, कोई ईमेल जो आप भूल गए थे, कोई ऐसी बात जो आपको परेशान कर रही है या कोई भी रैंडम विचार इसमें नोटबुक में लिख दें। इसमें कोई काट-छांट न करें और न ही इसे सुंदर बनाने की कोशिश करें। जो मन में आए वो लिख दें।
- नोटबुक बंद कर दें क्योंकि आपके मन की बाकें अब नोटबुक पर लिख गई हैं और आपका दिमाग आधिकारिक तौर पर ‘ऑफ’ हो गया है।
- दिमाग में बहुत सारी बातें लिए हुए सोने की कोशिश न करें। अपने मन की बातें कागज पर लिख दें और दिमाग से निकाल दें। रात 10 बजे जो बातें बहुत बड़ी लगती हैं, कागज पर उतरते ही वे बहुत छोटी लगने लगती हैं। और जो बातें सच में मायने रखती हैं, अब आपके पास उनके लिए एक प्लान है, न कि कोई ऐसी उलझन जो आपको परेशान करे।
- बेहतर नींद, सुबह 5 बजे आसानी से उठना और चीनी की तलब में कमी कर सकती है। यह सच में काफी आसान होता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
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