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सोने-चांदी के भाव में आज 3 अगस्त आई तेजी, जानें क्यों बढ़ी कीमतें और क्या हैं अहम लेवल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

एमसीएक्स (MCX) पर सोमवार, 3 अगस्त की सुबह सोने और चांदी के दाम बढ़त के साथ खुले। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सोमवार को बातचीत किए जाने की घोषणा के बाद तेल के दाम में तेज गिरावट दर्ज की गई।

सुबह करीब 9:10 बजे एमसीएक्स पर गोल्ड के अक्टूबर फ्यूचर 0.13% की बढ़त के साथ 1,43,557 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, चांदी के सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.40% चढ़कर 2,18,061 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।

सोने-चांदी की गिरावट के मुख्य कारण

कच्चे तेल और डॉलर इंडेक्स में गिरावट: कच्चे तेल का बेंचमार्क 5% से अधिक लुढ़ककर करीब 83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, डॉलर इंडेक्स 0.50% फिसलकर 99.42 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर में तय होने वाली सोने-चांदी की कीमतें दूसरी मुद्राओं के खरीदारों के लिए सस्ती हो गईं।

ट्रंप के बयान से बढ़ीं उम्मीदें: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अगस्त को कहा था कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार को होगी, हालांकि उन्होंने किसी समझौते के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की। ट्रंप के इस बयान ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर उम्मीदें जगा दीं। इस समझौते से होर्मुज को फिर से खोलने और ईरान की परमाणु क्षमताओं को लेकर गतिरोध खत्म होने की संभावना है।

फेड की बैठक और ब्याज दरों पर संकेत: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने जुलाई नीति बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया।

रॉयटर्स के अनुसार, तीन अमेरिकी फेड अधिकारियों ने जुलाई बैठक में 25 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई थी। उन्होंने पिछले शुक्रवार को चिंता व्यक्त की कि अल्पकालिक उधार लागत में तत्काल बढ़ोतरी के बिना, महंगाई फेड के 2% टार्गेट से ऊपर बनी रहेगी। पिछले पांच वर्षों से महंगाई फेड के 2% टार्गेट से ऊपर चल रही है।

गोल्ड-सिल्वर को लेकर क्या कह रहे एक्सपर्ट्स

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य अनुसंधान अधिकारी रवि सिंह ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए सैन्य हमले को टालकर भू-राजनीतिक तनाव को कम किया है, जिससे तेल की कीमतों में करीब 7 डॉलर प्रति बैरल की तेज गिरावट आई है। ऊर्जा की कीमतों में नरमी से लगातार बढ़ती महंगाई की आशंका कम हुई है, जबकि डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से नीचे फिसलने से सोने को अतिरिक्त सपोर्ट मिला है।”

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म होना सोने की कीमतों के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत हो सकता है। हालांकि, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना सोने के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई है।

सोने-चांदी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

रवि सिंह के अनुसार जब तक सोना 1,40,000 रुपये के स्तर से ऊपर बना रहता है, तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाना बेहतर होगा। ऊपर की ओर 1,45,000 रुपये तत्काल रेजिस्टेंस स्तर है। अगर यह स्तर पार हो जाता है, तो सोना 1,46,700 रुपये तक जा सकता है, जो 55-दिवसीय ईएमए (EMA) के साथ मेल खाता है।

मनोज कुमार जैन (पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च) के अनुसार एमसीएक्स पर सोने को 1,42,750 और 1,42,200 रुपये पर सपोर्ट है, जबकि 1,44,000 और 1,44,550 रुपये पर रेजिस्टेंस है। चांदी को 2,15,500 और 2,14,000 रुपये पर सपोर्ट है, जबकि 2,19,000 और 2,20,500 रुपये पर रेजिस्टेंस है।

मनोज कुमार जैन के अनुसार, “हम 1,42,800 रुपये के आसपास गिरावट पर सोना खरीदने की सलाह देते हैं, जिसका स्टॉप लॉस 1,41,800 रुपये के नीचे रखें और 1,44,550 रुपये का टार्गेट रखें। इसके अलावा, चांदी में 2,16,000 रुपये के आसपास गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह दी जाती है, जिसका स्टॉप लॉस 2,13,300 रुपये के नीचे रखें और 2,21,000 रुपये का टार्गेट रखें।”

इस हफ्ते कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल

इस सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिकी नौकरी के अवसरों, एडीपी रोजगार रिपोर्ट, साप्ताहिक बेरोजगारी दावों और नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट पर होगी। ये आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दिशा और फेड की आगामी नीतिगत चालों के बारे में संकेत देंगे, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN