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सोशल बैटरी डाउन होने का क्या मतलब है? Gen Z के ट्रेंड को समझें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

क्या कभी ऐसा होता है कि दोस्तों से मिलने का मन न करे, फोन पर आए मैसेज का जवाब देने की इच्छा न हो या बस कुछ देर अकेले रहने का मन करे? Gen Z के बीच इसे लेकर एक नया ट्रेंड पॉपुलर हो रहा है।

कभी पूरा दिन लोगों के बीच रहने के बाद ऐसा लगता है कि अब किसी से बात नहीं करनी? दोस्तों का फोन आए तो भी उठाने का मन न करे, मैसेज देखकर जवाब देने का मन न हो या बाहर जाने का प्लान अचानक भारी लगने लगे? आजकल Gen Z के बीच ऐसी फीलिंग को लेकर काफी बात हो रही है। खास बात यह है कि इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह के मीम्स और पोस्ट देखने को मिल रहे हैं। लेकिन आखिर यह ‘सोशल बैटरी डाउन’ क्या है, कब ऐसा महसूस होता है और जेन जी के बीच यह इतना पॉपुलर क्यों हो रहा है?

क्या होता है ‘सोशल बैटरी डाउन’?

‘सोशल बैटरी डाउन’ का मतलब है कि लोगों से बातचीत करने और उनके साथ समय बिताने की आपकी मेंटल और इमोशनल एनर्जी कुछ समय के लिए कम हो गई है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए- जैसे फोन की बैटरी दिनभर इस्तेमाल होने के बाद कम हो जाती है, वैसे ही लगातार लोगों के बीच रहने के बाद आपकी सोशल एनर्जी भी खत्म हो सकती है।

कैसे पता चले कि आपकी सोशल बैटरी डाउन है?

इसके कुछ संकेत काफी कॉमन हैं। जैसे किसी का फोन आते ही बात करने का मन न करना, मैसेज देखकर भी जवाब देने का मन न होना या दोस्तों के साथ बनाया प्लान कैंसल करने का दिल करना। कुछ लोगों को लोगों के बीच रहने के बाद अकेले रहने की जरूरत महसूस होती है। वहीं, कुछ लोग सोशल मीडिया से भी थोड़ी दूरी बनाना चाहते हैं।

Gen Z के बीच क्यों पॉपुलर है ये ट्रेंड?

Gen Z की जिंदगी में सोशल मीडिया, ऑनलाइन मीटिंग और लगातार आने वाले नोटिफिकेशंस एक बड़ा हिस्सा हैं। काम हो या दोस्ती, बातचीत का सिलसिला अक्सर फोन के जरिए चलता रहता है। ऐसे में हर समय लोगों से जुड़े रहना कई बार थकाने वाला लग सकता है। ‘सोशल बैटरी डाउन’ जैसा शब्द इस फीलिंग को समझाना आसान बना देता है।

  • किसी को यह कहने के बजाय कि ‘आज किसी से बात करने की एनर्जी नहीं है’, Gen Z सीधे कह सकती है कि ‘मेरी सोशल बैटरी डाउन है।’ यानी कम शब्दों में अपनी फीलिंग समझाना।

क्या इसका मतलब लोगों से दूर होना है?

  • इसका मतलब यह नहीं कि आपको अपने दोस्तों या परिवार से परेशानी है। कई बार दिनभर की बातचीत और काम के बाद बस थोड़ी शांति चाहिए होती है।
  • कई बार ऐसा सिर्फ कुछ घंटों या एक-दो दिनों के लिए होता है। आराम करने और अपने लिए थोड़ा समय निकालने के बाद फिर से लोगों से मिलने-जुलने का मन होने लगता है।

सोशल बैटरी डाउन हो तो क्या करें?

  1. अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है, तो हर मैसेज का तुरंत जवाब देने का दबाव खुद पर न डालें। कुछ समय फोन से दूर रहें और अपनी पसंद का कोई शांत काम करें।
  2. अकेले टहलना, म्यूजिक सुनना, किताब पढ़ना, आराम करना या बस कुछ देर चुपचाप बैठना भी मदद कर सकता है।
  3. अगर किसी दोस्त या परिवार के सदस्य से बात करने की जरूरत हो, तो साफ-साफ बता सकते हैं कि अभी आपका बात करने का मन नहीं है और थोड़ी देर बाद बात करेंगे।

कब इसे सिर्फ ‘सोशल बैटरी डाउन’ न समझें?

कभी-कभार लोगों से दूर रहने का मन करना नॉर्मल हो सकता है। लेकिन अगर लंबे समय तक किसी से मिलने, बात करने या घर से बाहर निकलने का मन ही न करे, तो इसे सिर्फ सोशल बैटरी डाउन कहकर इग्नोर न करें। ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से बात करना मददगार हो सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN