Source :- LIVE HINDUSTAN
पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा गठबंधन की एक उच्चस्तरीय समिति अगले सप्ताह रियाद में बैठक करेगी। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा गठबंधन की एक उच्चस्तरीय समिति अगले सप्ताह रियाद में बैठक करेगी। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमलों सहित क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। डार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगस्त में हुए मक्का रक्षा समझौते में शामिल तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मुलाकात की थी और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की थी।
डार ने कहा कि हमने एक योजना बनाई, क्योंकि हम तीनों (न्यूयॉर्क में) मौजूद थे। डार ने यह बात अपने, तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा कि गठबंधन की रणनीतिक राजनीतिक रक्षा समिति (एसपीडीसी) की बैठक अगले सप्ताह रियाद में होगी, जिसमें सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम ने कहा कि बहुत जल्द पूरी समिति की बैठक रियाद में आयोजित करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन गई है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बैठक अगले हफ्ते होगी।
इस बीच अमेरिका में ऊर्जा विभाग के एक अभियंता को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। न्याय विभाग ने यह जानकारी दी। वॉशिंगटन के रिचलैंड निवासी 51 वर्षीय एश्टन हैमेड एलाबाउडी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। अदालती अभिलेखों में फिलहाल उसकी ओर से पैरवी करने वाले किसी वकील का नाम दर्ज नहीं है।
एफबीआई के अनुसार एलाबाउडी के खिलाफ जांच तब शुरू हुई, जब अधिकारियों को पता चला कि उसने विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाले एसीटोन और सोडियम बाइसल्फेट जैसे रसायन तथा ड्रोन में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे खरीदे थे। एफबीआई के अनुसार, एलाबाउडी का उद्देश्य हूती विद्रोहियों की संचार क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करना था। इसी सिलसिले में वह पिछले साल सितंबर में यमन गया था।
अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका लौटने पर एलाबाउडी ने सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा अधिकारियों से झूठ बोला कि वह आधिकारिक काम से ओमान की यात्रा करके लौटा है और मिसाइल रक्षा प्रणालियों का निरीक्षण करने वाले अमेरिकी सरकारी मिशन का हिस्सा था। हालांकि, एफबीआई के हलफनामे के अनुसार, जब जांचकर्ताओं ने एलाबाउडी के वरिष्ठों से पूछताछ की तो उन्होंने उसकी किसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा या किसी मिसाइल निरीक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी होने से इनकार किया।
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