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होम लोन की EMI पर 65 महीने तक नो टेंशन…इस बैंक ने दिया बड़ा तोहफा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अपने घर का सपना हर कोई देखता है लेकिन इसे साकार करना आसान नहीं होता। हालांकि, बैंकों की ओर से होम लोन दिए जाने की वजह से घर खरीदना आसान हो जाता है। प्राइवेट से लेकर सरकारी बैंक तक अपने ग्राहकों को रिझाने के लिए तरह-तरह के ऑफर लाते हैं। ऐसा ही एक ऑफर प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक ने लाया है। इस बैंक ने होम लोन पर निश्चित अवधि के लिए ब्याज दर लॉक करने की सुविधा की घोषणा की है। आइए ऑफर की डिटेल जान लेते हैं।

क्या है ऑफर?

कोटक महिंद्रा बैंक ने ग्राहकों को होम लोन की मासिक किस्त (ईएमआई) को लेकर अधिक निश्चितता देने के उद्देश्य से ‘हाइब्रिड होम लोन’ पेश किया है। इसके तहत ग्राहक 65 महीने तक अपने होम लोन की ब्याज दर तय रख सकेंगे। इस योजना के तहत ग्राहक 39, 52 या 65 महीने की निश्चित ब्याज दर अवधि चुन सकते हैं। इस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रेपो दर में बदलाव होने पर भी उनके लोन की ब्याज दर और ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होगा। बता दें कि बैंक फिलहाल 7.6 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहा है।

क्या कहा बैंक ने?

बैंक ने कहा कि घर खरीदना किसी परिवार की वित्तीय यात्रा की शुरुआत भर होता है। शुरुआती वर्षों में परिवारों को घर की साज-सज्जा, बच्चों की शिक्षा, बचत और अन्य दैनिक खर्चों के साथ ईएमआई का भी प्रबंधन करना पड़ता है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद लोन ऑटोमैटिक फ्लोटिंग ब्याज दर व्यवस्था में बदल जाएगा, जो रेपो रेट और लोन स्वीकृति के समय तय किए गए अतिरिक्त मार्जिन (स्प्रेड) से जुड़ी होगी।

बैंक के अनुसार, एक करोड़ रुपये के होम लोन पर यदि ब्याज दरें हाल के उच्च स्तर तक बढ़ती हैं, तो उधारकर्ता को 3.46 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है।

कोटक महिंद्रा बैंक में मॉर्गेज के प्रमुख नकुल सक्सेना ने कहा, “होम लोन कई दशकों तक चल सकता है और इस दौरान ब्याज दरों के कई चक्र आ सकते हैं। कई उधारकर्ताओं के लिए ब्याज दर की हर समीक्षा के साथ यह सवाल उठता है कि अगला बदलाव उनकी ईएमआई या घरेलू बजट को किस तरह प्रभावित करेगा। साथ ही, समय के साथ आय, प्राथमिकताओं और वित्तीय जिम्मेदारियों में बदलाव के बीच परिवारों को जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण खर्चों का भी संतुलन बनाना पड़ता है। यही वजह है कि ग्राहकों को 65 महीनों तक अपनी ब्याज दर लॉक करने का विकल्प दिया गया है ताकि अतिरिक्त बोझ नहीं पड़े।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN