Source :- LIVE HINDUSTAN
केंद्र सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जो मध्यम से गरीब वर्ग को प्रभावित करता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में भी कुछ ऐसा ही है। यह योजना ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्र के लिए है। योजना के तहत ना सिर्फ गरीब बल्कि मध्यम वर्ग को भी सस्ते में घर बनाने का सपना साकार किया जाता है। योजना में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत 4% तक की सब्सिडी मिलती है।
योजना की पात्रता?
खरीदे या बनाए जाने वाला घर, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अधिसूचित शहर में होना चाहिए। आप और आपके परिवार के किसी सदस्य के पास भारत में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए। आपने या आपके परिवार के किसी भी सदस्य (पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे) ने भारत सरकार की किसी भी सेंट्रल स्कीम या PMAY के किसी कंपोनेंट के तहत पहले कोई सहायता नहीं ली होनी चाहिए। योजना के लिए कमाने वाला वयस्क सदस्य चाहे उसकी वैवाहिक स्थिति जो भी हो, एक अलग परिवार की तरह माना जाएगा।
किस वर्ग को सब्सिडी?
जिनकी वार्षिक घरेलू आय ₹6 लाख से अधिक लेकिन ₹12 लाख से कम है उसे अधिकतम ₹9 लाख तक की होम लोन राशि पर ब्याज दर में 4% तक की सब्सिडी मिलती है। वहीं, जिनकी वार्षिक घरेलू आय ₹12 लाख से अधिक लेकिन ₹18 लाख से कम है, उनकी अधिकतम ₹12 लाख तक की लोन राशि पर ब्याज दर में 3% तक की सब्सिडी मिलती है। इसके अलावा, LIG और EWS वर्ग में वे लोग आते हैं, जिनकी वार्षिक घरेलू आय ₹3 लाख से अधिक लेकिन ₹6 लाख से कम है।
2.13 लाख घर को मंजूरी
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 2.13 लाख घरों को मंजूर किया गया। इसमें से 2.05 लाख घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं, जिनमें विधवाएं, अलग रहने वाली या अविवाहित महिलाएं शामिल हैं। वहीं, 22 घर ट्रांसजेंडर को आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, 25 हजार से ज्यादा घर वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए हैं।
आंकड़े बताते हैं कि 34257 घर एससी, 22516 घर एसटी और 87077 घर ओबीसी लाभार्थियों के लिए हैं। कुल मिलाकर मंजूर किए गए 16.13 लाख घरों में से 12.99 लाख बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन घर हैं और 1.81 लाख अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) घर हैं। वहीं, 1.20 लाख घर ब्याज सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को आवंटित किए गए हैं और 12,846 घरों को ‘अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग’ के रूप में मंजूरी दी गई है।
2015 में योजना की शुरुआत
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की शुरुआत 2015 में हुई थी और इसके बाद से सस्ते आवास की कमी को दूर करने में इसने अहम भूमिका निभाई है। पीएमएवाई-यू 2.0 का आधार पीएमएवाई-यू है जिसका उद्देश्य शहरी भारत के अतिरिक्त एक करोड़ ईडब्लायूएस/एलआईजी/एमआईजी परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करना है। पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत 1.27 करोड़ घर स्वीकृत किए गए हैं।
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