Source :- LIVE HINDUSTAN
अगर आप रोजाना पेटीएम (Paytm), गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe), भीम (BHIM) या किसी अन्य UPI ऐप से भुगतान करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। सरकार ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट (Payment and Settlement Systems Act) में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिससे भविष्य में कुछ खास UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, फिलहाल किसी भी UPI ट्रांजैक्शन पर नया चार्ज लागू नहीं किया गया है। सरकार अभी सिर्फ कानूनी ढांचा तैयार कर रही है और अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा। इसलिए अभी UPI से भुगतान पहले की तरह मुफ्त है।
आखिर MDR क्या होता है?
MDR (Merchant Discount Rate) वह शुल्क है, जो किसी डिजिटल भुगतान को स्वीकार करने वाला व्यापारी (Merchant) बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक कार्ड से भुगतान करता है, तो दुकानदार को एक निश्चित प्रतिशत शुल्क देना पड़ता है। अभी क्रेडिट कार्ड पर MDR लगभग 3% तक और डेबिट कार्ड पर तय सीमा के अनुसार करीब 0.9% तक हो सकता है। लेकिन, जनवरी 2020 से सरकार ने UPI ट्रांजैक्शन पर MDR पूरी तरह खत्म कर दिया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके।
अब सरकार बदलाव क्यों करना चाहती है?
पिछले कुछ सालों में UPI दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में बदल चुका है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में UPI के जरिए करीब 23.7 अरब (23.7 बिलियन) ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग ₹29.9 लाख करोड़ रही। इतनी बड़ी व्यवस्था को चलाने के लिए बैंकों, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को लगातार टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश करना पड़ता है। लेकिन, UPI पर MDR नहीं होने के कारण उन्हें इस सिस्टम से सीधी आय नहीं होती। यही वजह है कि उद्योग लंबे समय से कुछ चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने की मांग कर रहा है।
क्या ₹2,000 से ऊपर के सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा?
इस समय इसका जवाब नहीं है। सरकार ने अभी ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान को संभावित सीमा (Threshold) माना जा रहा है। साथ ही यह चार्ज केवल बड़े व्यापारियों (Large Merchants) पर लागू हो सकता है। आम व्यक्ति द्वारा किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को भेजे गए Person-to-Person (P2P) भुगतान पर MDR लागू होने की संभावना नहीं है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि संभावित MDR 0.25% से 0.50% के बीच हो सकता है। वहीं कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने 30 से 40 बेसिस पॉइंट तक की संभावना जताई है। लेकिन,JALDI सरकार ने अभी तक इनमें से किसी भी दर को मंजूरी नहीं दी है।
क्या आम ग्राहकों को पैसा देना पड़ेगा?
तकनीकी रूप से MDR ग्राहक नहीं, बल्कि व्यापारी (Merchant) देता है, यानी अगर कोई दुकानदार UPI से भुगतान स्वीकार करता है और उस पर MDR लागू होता है, तो शुल्क उसी को देना होगा। हालांकि, इसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। कुछ व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को खुद वहन कर सकते हैं, जबकि कुछ अपनी वस्तुओं या सेवाओं की कीमत बढ़ाकर इसका बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं। हालांकि, सरकारी अधिकारियों का मानना है कि संभावित MDR काफी कम होगा, इसलिए सभी व्यापारी कीमतें बढ़ाएं, ऐसा जरूरी नहीं है।
छोटे भुगतान पर क्या असर होगा?
अगर सरकार ₹2,000 की सीमा वाला मॉडल लागू करती है, तो दूध, सब्जी, किराना, मेडिकल स्टोर, ऑटो या टैक्सी किराया जैसे रोजमर्रा के छोटे UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त रह सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल UPI लेनदेन का सिर्फ 4% हैं, लेकिन इनकी वैल्यू कुल ट्रांजैक्शन का लगभग 70% है, यानी सरकार का उद्देश्य कम संख्या वाले बड़े ट्रांजैक्शन से शुल्क लेना हो सकता है, जबकि अधिकांश छोटे भुगतान मुफ्त ही बने रहेंगे।
पेमेंट कंपनियों को क्या फायदा होगा?
अगर MDR लागू होता है, तो Paytm, PhonePe, Google Pay, Pine Labs, बैंक और अन्य पेमेंट कंपनियों को नया रेवेन्यू सोर्स मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पूरे पेमेंट उद्योग को हर साल ₹5,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ तक की अतिरिक्त आय हो सकती है। इस राशि का इस्तेमाल कंपनियां नेटवर्क मजबूत करने, साइबर सुरक्षा बढ़ाने और नई तकनीकों में निवेश के लिए कर सकती हैं।
अभी क्या करना चाहिए?
फिलहाल, आम UPI यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर अभी कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है। संसद में पेश संशोधन सिर्फ सरकार को भविष्य में नियम तय करने का अधिकार देता है। अंतिम MDR दर, किन व्यापारियों पर यह लागू होगी, कौन-कौन से भुगतान इससे मुक्त रहेंगे और कब से नया नियम लागू होगा, इन सभी बातों पर सरकार बाद में फैसला करेगी, तब तक Paytm, Google Pay, PhonePe, BHIM और अन्य UPI ऐप्स से पहले की तरह मुफ्त डिजिटल भुगतान जारी रहेगा।
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