Source :- LIVE HINDUSTAN
एफएसएसएआई ने हाल ही में दिशा-निर्देश जारी किया है कि रेस्टोरेंट, ढाबा और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए फूड ग्रेड वाली चाकूओं का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि काफी सारे घरों में सस्ती चाकू यूज होती है, जो सेहत के लिए हार्मफुल होती है।
एफएसएसएआई के नये दिशा निर्देश के अनुसार अब रेस्टोरेंट, ढाबा और कमर्शियली चाकू इस्तेमाल करने वालों को फूड ग्रेड लेवल का चाकू, छूरी, बर्तनों का इस्तेमाल करना होगा। कमर्शियल किचन में जंग लगे, टूटे या छूटे पेंट वाले चाकूओं का इस्तेमाल तुरंत बंद हो। ये तो रहीं रेस्टोरेंट और ढाबों जैसे कमर्शियल रसोई की बात, लेकिन अक्सर लोग घरों में भी सस्ती और ऐसी चाकूओं का इस्तेमाल करते हैं जो कुछ समय बाद ही खराब हो जाती है। उनमे जंग लग जाता है और इनकी धार भी कम हो जाती है। इस तरह की सस्ती, कम कीमत वाली चाकूएं सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। घर की रसोई में सस्ती चाकू यूज करने के कई नुकसान हैं। जानें आखिर कैसे 10 रुपये सस्ती चाकू आपको और परिवार को बीमार बना सकती है।
लोहे वाली सस्ती चाकूओं के नुकसान
काफी सारे घरों में मार्केट से मिलने वाली वो दस-बीस रुपये वाली बिल्कुल सस्ती चाकू का इस्तेमाल किया जाता है। जो लोहे की बनी होती है और इनमे किसी सेफ्टी मेजरमेंट या स्टैंडर्ड का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। कोई फूड ग्रेड लेबल नहीं होता, लोहे की ये चाकुएं काफी जल्दी जंग खाने लगती हैं। इनकी धार खराब हो जाती है और कई बार टूटी होने के बाद भी यूज में लाई जाती हैं। इन नाइफ से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए।
हाथों में कट लगने का डर
- सस्ती चाकूओं की धार कई बार या तो काफी कम होती है या फिर काफी ज्यादा होती है। दोनों ही सिचुएशन में इससे हाथों में कट लगने का डर होता है।
- जब चाकू कम धार होती है तो ये सब्जी या फल को काटने की बजाय फिसल जाती है। जिससे हाथ कट जाता है।
- वहीं अगर चाकू ज्यादा धार है तो इससे काफी गहरे जख्म का डर होता है। स्किन टिश्यू वगैरह कट जाते हैं। कई बार तो रोजमर्रा के इस्तेमाल में उंगलियों में बारीक कट हर वक्त बने रहते हैं। ये जख्म धीरे-धीरे गहरे होते हैं और इनमे इंफेक्शन का डर होता है।
- इन कट लगे हाथों से कुकिंग पूरे खाने को इंफेक्टेड कर सकता है।
खराब क्वालिटी से इंफेक्शन डर
सस्ती चाकूएं अक्सर लो क्वालिटी से तैयार की हुई होती है। इनके स्टील और लोहे की क्वालिटी कम होती है। इन मैटेरियल पर जंग लग जाता है और जंग से छोटे बारीक छेद बन जाते हैं। जिनमे नमी और बारीक फूड पार्टिकल्स फंस जाते हैं। जो कि साफ नहीं होते हैं और इनमे जर्म्स पनपते हैं। जो खाने को भी इंफेक्टेड कर देते हैं।
ई कोलाई जैसे बैक्टीरिया बना देंगे बीमार
जंग लगी चाकूओं में बनने वाले माइक्रोस्कोपिक छेद में ई कोलाई, सल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं क्योंकि इन बारीक छेदों में फंसे खाने के कणों की सफाई नहीं होती और ऐसी जगहों पर ही ये बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और जब इन चाकूओं से फल जैसी चीजें काटी जाती हैं और इसे खाया जाए तो सेहत को नुकसान पहुंचाती है।
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