Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- कंपनी के शेयर आज 5% चढ़कर 35.55 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए
- बता दें कि इस पिछला बंद प्राइस 33.85 रुपये था
- इधर, सुजलॉन के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम ब्रोकिंग ने पॉजिटिव रुख बनाए रखा है
- कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे लगभग उम्मीद के मुताबिक रहे हैं
Suzlon Energy Share Price: विंड एनर्जी सेक्टर की कंपनी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयरों में आज सोमवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। कंपनी के शेयर आज 5% चढ़कर 35.55 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए। बता दें कि इस पिछला बंद प्राइस 33.85 रुपये था। इधर, सुजलॉन के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम ब्रोकिंग (Centrum Broking) ने पॉजिटिव रुख बनाए रखा है। कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे लगभग उम्मीद के मुताबिक रहे हैं। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन में कमजोरी को देखते हुए ब्रोकरेज ने कंपनी की कमाई के अनुमान घटा दिए हैं और शेयर का टारगेट प्राइस 74 रुपये से कम करके 68 रुपये कर दिया है। इसके बावजूद सेंट्रम ने शेयर पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, पिछला बंद प्राइस से शेयर में करीब 100 फीसदी तक की तेजी की संभावना बन सकती है।
दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन
सुजलॉन एनर्जी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 26 फीसदी बढ़कर 4,880 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 27.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी की विंड टर्बाइन जनरेटर से होने वाली आय में सालाना 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, फाउंड्री और फोर्जिंग कारोबार का रेवेन्यू भी 38.4 फीसदी बढ़ा। कंपनी की डिलीवरी दूसरी तिमाही में बढ़कर 710 मेगावाट पहुंच गई, जो पहली तिमाही में 506 मेगावाट थी। इसके अलावा, कमीशनिंग में भी अच्छी तेजी देखने को मिली और यह 454 मेगावाट रही।
6.01 GW का ऑर्डर बुक कंपनी की ताकत
सेंट्रम ब्रोकिंग के मुताबिक, सुजलॉन के पास फिलहाल 6.01 GW का बड़ा ऑर्डर बुक है, जो अगले करीब 18 महीनों तक कंपनी के कारोबार को सपोर्ट दे सकता है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी को 1.5 GW के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के पास 1.3 GW के ऐसे टर्बाइन भी हैं, जिन्हें लगाया जा चुका है और अब कमीशनिंग का इंतजार है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि दूसरी छमाही में डिलीवरी पहली छमाही के मुकाबले 1.5 से 1.65 गुना तक रह सकती है।
मार्जिन में कमजोरी बनी चिंता
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता फिलहाल ऑपरेटिंग मार्जिन है। दूसरी तिमाही में एबिटा मार्जिन 0.8 फीसदी घटकर 15 फीसदी पर आ गया। इसकी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत, रुपये और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव, प्रोजेक्ट मिक्स और कुछ अतिरिक्त खर्च बताए गए हैं। कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 394 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनी के पास 2,048 करोड़ रुपये का नेट कैश है।
सुजलॉन शेयर पर ब्रोकरेज की राय
सेंट्रम ब्रोकिंग का मानना है कि कंपनी को बड़े ऑर्डर, नए कारोबार और भारत में बढ़ती विंड एनर्जी की मांग का फायदा मिल सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज ने FY27 से FY29 के लिए अपने EPS अनुमान में कटौती की है। शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए 68 रुपये का टारगेट दिया है। वहीं, जेएम फाइनेंशियल ने 40 रुपये, एक्सिस कैपिटल ने 42 रुपये और आनंद राठी ने 38 रुपये का टारगेट दिया है। दूसरी ओर, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और इन्वेस्टेक ने Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए क्रमशः 55 रुपये और 56रुपये का टारगेट दिया है।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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