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120% उछला इस कंपनी का मुनाफा, ₹463 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा शेयर; आपका है दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • सरकारी कंपनी BHEL ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है
  • कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 120% बढ़कर ₹810 करोड़ और रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹9,300 करोड़ हो गया है
  • EBITDA में 77% की वृद्धि हुई और मार्जिन 11% पर पहुंच गया
  • Q2 नतीजों के बाद शेयर ₹463 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया है

सरकारी कंपनी BHEL (Bharat Heavy Electricals Limited) के शेयरों में बुधवार 14 अक्टूबर को जोरदार हलचल देखने को मिली। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद शेयर कारोबार के दौरान ₹463 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। BHEL ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू, दोनों मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 120% बढ़ा, जबकि ऑपरेशन मुनाफे में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बेहतर नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और संगठनात्मक बदलाव से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।

BHEL का मुनाफा दोगुने से ज्यादा, ₹810 करोड़ पर पहुंचा

BHEL ने सितंबर तिमाही में ₹810 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹368 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 120% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी के प्रदर्शन में सुधार ऐसे समय आया है, जब बिजली उत्पादन और भारी औद्योगिक उपकरणों से जुड़े कारोबार में बड़े प्रोजेक्ट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में इस बढ़त को कितना बरकरार रख पाती है।

रेवेन्यू में 24% की बढ़ोतरी

कंपनी की कमाई में भी मजबूती देखने को मिली। दूसरी तिमाही में BHEL का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 24% बढ़कर ₹9,300 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान अवधि में यह ₹7,512 करोड़ था। रेवेन्यू (Revenue) में यह वृद्धि कंपनी के कारोबार में बढ़ोतरी का संकेत देती है। हालांकि, आगे के प्रदर्शन को समझने के लिए केवल बिक्री के आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं। प्रोजेक्ट पूरे होने की रफ्तार, लागत और भुगतान मिलने की स्थिति भी कंपनी की कमाई पर असर डाल सकती है।

EBITDA 77% बढ़ा, मार्जिन में भी सुधार

BHEL ने ऑपरेशन लेवल पर भी बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी का EBITDA यानी ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले का मुनाफा 77% बढ़कर ₹1,026 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा इससे काफी कम था। इसके साथ ही कंपनी का EBITDA मार्जिन 3.3 प्रतिशत अंक बढ़कर 11% हो गया। मार्जिन में सुधार का मतलब है कि कंपनी की बिक्री से ऑपरेशन मुनाफा कमाने की क्षमता बेहतर हुई है। मुनाफे, रेवेन्यू और मार्जिन में एक साथ बढ़ोतरी ने तिमाही नतीजों को मजबूत बनाया।

₹500 करोड़ का निवेश करेगी कंपनी

BHEL के बोर्ड ने हरिद्वार स्थित HEEP यूनिट में थर्मल और न्यूक्लियर पावर सेट बनाने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इस पर करीब ₹500 करोड़ खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इस निवेश से कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बिजली क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों के बीच थर्मल और न्यूक्लियर पावर उपकरण कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कारोबार हैं। हालांकि, इस निवेश का वास्तविक लाभ उत्पादन शुरू होने, ऑर्डर मिलने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर निर्भर करेगा।

1 नवंबर से दो यूनिट का होगा विलय

कंपनी ने संगठनात्मक बदलाव से जुड़ा एक और फैसला लिया है। बोर्ड ने मुंबई के EMRP (Electrical Machines Repair Plant) और बेंगलुरु के EDN (Electronics Division) को मिलाकर एक इकाई बनाने की मंजूरी दी है। विलय के बाद EDN संयुक्त यूनिट के रूप में काम करेगी और यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होने वाली है। इस कदम का उद्देश्य कंपनी की यूनिट के ऑपरेशन को व्यवस्थित करना हो सकता है। इसके एक्चुअल ऑपरेशन लाभों का आकलन आगे के प्रदर्शन से किया जा सकेगा।

रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा BHEL का शेयर

तिमाही नतीजों के बाद BHEL का शेयर बुधवार को कारोबार के दौरान ₹463 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि, सितंबर तिमाही के दौरान शेयर का प्रदर्शन काफी सीमित रहा था और इस अवधि में इसमें केवल 0.26% की बढ़त दर्ज हुई थी। ताजा तेजी के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी ऑर्डर, मुनाफे की निरंतरता और नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर रहेगी।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

BHEL के तिमाही नतीजों में मुनाफे, रेवेन्यू (Revenue) और EBITDA मार्जिन की बढ़ोतरी पॉजिटिव संकेत हैं। साथ ही ₹500 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से कंपनी की क्षमता बढ़ाने की योजना सामने आई है। लेकिन रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद शेयर खरीदने से पहले मौजूदा वैल्यूएशन, भविष्य के ऑर्डर और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का आकलन करना जरूरी है।

डिस्क्लेमर- शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। मजबूत तिमाही नतीजे अपने आप में भविष्य में शेयर बढ़ने की गारंटी नहीं देते।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN