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Telegram News: टेलीग्राम के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने मंगलवार को तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध ने देश के 15 करोड़ से अधिक आम उपयोगकर्ताओं को बिना वजह ‘दंडित’ किया है।
टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने मंगलवार को कहा कि भारत द्वारा देश में टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध ने 15 करोड़ से अधिक आम उपयोगकर्ताओं को ‘दंडित’ किया है। ड्यूरोव ने दावा किया कि इस कार्रवाई से कुछ भी नहीं रुका, बल्कि लीक संबंधी गतिविधियां बस दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो गई हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की री-एग्जाम से ठीक पहले मंगलवार को टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट किया कि यह कदम नकल कराने वाले गिरोहों और फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है। NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि 22 जून तक टेलीग्राम पर रोक लगाई गई है ताकि 21 जून को होने वाली री-एग्जाम बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हो सके। हम कोई गलत होने नहीं देंगे और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
IT Act की धारा 69A के तहत प्रतिबंध
NTA की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के अंतर्गत आदेश जारी कर 22 जून 2026 तक टेलीग्राम तक पहुंच पर प्रतिबंध लगा दिया। इसी अवधि में NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा निर्धारित है। साथ ही, 30 जून तक टेलीग्राम पर पहले से पोस्ट किए गए संदेशों में संशोधन (Edit) की सुविधा भी बंद कर दी गई है। NTA ने बताया कि टेलीग्राम की विशेष ‘मैसेज एडिटिंग’ सुविधा का दुरुपयोग कर चैनल ऑपरेटर्स परीक्षा के बाद पुराने संदेशों को संपादित करके फर्जी प्रश्नपत्र डाल देते थे और स्क्रीनशॉट वायरल कर दावा करते थे कि पेपर पहले लीक हो गया था। एजेंसी ने कहा कि दोनों कदम जन व्यवस्था बनाए रखने और 21 जून को परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को ठगने वाले माफिया गिरोहों को रोकने के लिए उठाए गए हैं।
क्या बोले NTA प्रमुख?
जब NTA प्रमुख से पूछा गया कि क्या यह कार्रवाई किसी पेपर लीक की खबर के आधार पर की गई, तो सिंह ने साफ किया कि नहीं, ये सभी फर्जी संदेश थे। कल भी अहमदाबाद पुलिस ने ऐसा ही एक मामला सुलझाया। उन्होंने कहा कि इन फर्जी संदेशों से छात्रों और अभिभावकों में घबराहट और मानसिक तनाव बढ़ रहा था, इसलिए यह कदम जरूरी हो गया। उन्होंने आगे बताया कि परीक्षा सुरक्षा को लेकर प्रतिदिन कई बैठकें होती रहती हैं।
NEET विवाद क्या है?
गौरतलब है कि तीन मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के चलते रद्द कर दी गई थी। अब इसे 21 जून को दोबारा कराया जाएगा। NTA ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित होगी।
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