Home LIFESTYLE NEWS HINDI 18 कैरेट या 24 कैरेट, कौन सा सोना कितना शुद्ध? हॉलमार्क देखकर...

18 कैरेट या 24 कैरेट, कौन सा सोना कितना शुद्ध? हॉलमार्क देखकर ऐसे करें सही की पहचान

2
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

सोना खरीदते समय हर किसी के मन में सवाल होता है कि यह सही है या नहीं। कहीं हम मिलावटी या नकली सोना तो नहीं ले रहे हैं। अगर आप भी ऐसे परेशान हो जाते हैं, तो कैरेट के साथ कुछ और चीजों को भी चेक करें।

सोना खरीदते समय हर कोई चाहता है कि उसे शुद्ध और सही गुणवत्ता वाला सोना मिले। बाजार में मिलावट की आशंका को देखते हुए सोने पर हॉलमार्क का निशान चेक करना बेहद जरूरी है। आमतौर पर लोग 18 कैरेट या 24 कैरेट गोल्ड को लेकर भी कन्फ्यूज रहते हैं और इन्हें ही शुद्धता का पैमाना मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 18 और 24 कैरेट गोल्ड में आखिर क्या अंतर होता है? हॉलमार्क के जरिए सोने की शुद्धता की पहचान कैसे की जाती है और कैरेट का सही मतलब क्या है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में जानते हैं।

18 कैरेट सोना क्या है और कैसे जानें इसकी शुद्धता

हरदोई के सोना कारोबारी प्रदीप गुप्ता का कहना है कि 18 कैरेट सोने पर 750 का मार्क होता है। इसका मतलब है कि इसमें करीब 75 फीसदी शुद्ध सोना होता है और बाकि अन्य धातुओं से इसे फिनिश और मजबूती दी गई है। 18 कैरेट सोना लेते हैं, तो मतलब है कि आप कोई मजबूत चीज खरीद रहे हैं। कारोबारी रोजाना पहनने वाले आइटम्स को 18 कैरेट में बनवाते हैं और इसके लिए धातुओं का चुनाव भी खुद ही करते हैं।

22 और 24 कैरेट सोना क्या होता है

तो वही 22 कैरेट सोने में असली सोना 916 के तौर पर बताया जाता है। इसका मतलब होता है कि इसमें करीब 91.6 फीसदी सोना होता है और बाकी हिस्सा दूसरी धातुओं का है। पारंपरिक ज्वैलरी को बनाने में 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। तो वही 24 कैरेट सोना बिल्कुल शुद्ध माना जाता है। इसका मतलब होता है कि इसमें किसी भी धातू की मिलावट नहीं की गई है और पूरा सोना ही ज्वैलरी बनाने में इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, किसी खास ज्वैलरी की मजबूती को बढ़ाने के लिए किसी अन्य धातु का यूज किया जा सकता है।

कितना कैरेट लेना सही

अगर आपको रोजाना पहनना है और कम बजट में सोना लेना है, तो 18 कैरेट या 22 कैरेट गोल्ड में चीजों को लेना सही रहेगा। शुद्ध सोना पहनना चाहती हैं या किसी को तोहफे में देना है, तो 24 कैरेट सोना ले सकते हैं। 24 कैरेट में सोना शुद्ध होता है और कभी भी काला नहीं पड़ता, साथ ही कभी बेचने पर पूरी कीमत मिलती है।

BIS हॉलमार्क क्यों जरूरी है

BIS हॉलमार्क सोने की शुद्धता की आधिकारिक पहचान है। BIS यानी Bureau of Indian Standards (भारतीय मानक ब्यूरो) की हॉलमार्किंग व्यवस्था के तहत ज्वेलरी की शुद्धता की जांच की गई है। हॉलमार्क के निशान को जरूर देखना चाहिए। अगर ये निशान नहीं है, तो मतलब सोना नकली या मिलावटी हो सकता है। इसके अलावा HUID को भी चेक करना जरूरी है। इसका पूरा नाम Hallmark Unique Identification Number है। यह सोने के हॉलमार्क वाले हर आभूषण को दिया जाने वाला 6 अंकों का यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है। इसके जरिए उस ज्वैलरी की हॉलमार्किंग से जुड़ी जानकारी को ट्रेस किया जा सकता है। जब भी आप सोना खरीदें तो ये चीजें जरूर चेक करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN