Source :- LIVE HINDUSTAN
हमास ने गाजा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत गाजा पट्टी पर हमास के करीब 20 साल के शासन का अंत कर दिया गया है। गाजा में सरकारी आपातकालीन समिति तथा हमास के नेतृत्व वाले प्रशासन में प्रमुख मोहम्मद अब्दुल खालिक अल-फर्रा ने अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
हमास ने गाजा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत गाजा पट्टी पर हमास के करीब 20 साल के शासन का अंत कर दिया गया है। गाजा में सरकारी आपातकालीन समिति तथा हमास के नेतृत्व वाले प्रशासन में सरकारी समिति के प्रमुख मोहम्मद अब्दुल खालिक अल-फर्रा ने अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है। साथ ही गाजा का नियंत्रण राष्ट्रीय समिति को सौंपने की पूर्ण तैयारी की पुष्टि की है। इसके साथ ही, गाजा पट्टी में जनता द्वारा चुनी गई सरकार चुने जाने का रास्ता खुल गया है। इस कदम को हमास द्वारा किए गए एक अहम सियासी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हमास ने साल 2007 में अपने लड़ाकों द्वारा प्रतिद्वंदी फिलिस्तीनी आंदोलन फतह से नियंत्रण हासिल किया था। इसके बाद पिछले साल चुनाव जीतने के बाद उसने गाजा पर शासन शुरू किया। बता दें कि गाजा में पिछले साल अक्टूबर में हमास और इजरायल के बीच संघर्षविराम लागू हुआ था। इसके बाद से हमास लगातार यहां के शासन से पीछे हटने की बात कह रहा था। हालांकि उसके हथियार न छोड़ना इसके आड़े आ रहा रहा था।
इस्तीफा देने के बाद क्या बोले अल-फर्रा
अल-फर्रा के इस्तीफे के साथ-साथ सरकारी आपातकालीन समिति भी भंग हो गई है। अब गाजा का शासन राष्ट्रीय गाजा प्रशासन समिति के हाथों में जाएगा। इसका गठन अमेरिका की मध्यस्थता वाली शांति योजना के तहत हुआ है। अल-फर्रा ने सोमवार को जारी आधिकारिक पत्र में कहाकि यह निर्णय फिलिस्तीनी जनता के सर्वोच्च हितों, नागरिकों की परेशानियां कम करने और गाजा में जारी युद्ध, नाकेबंदी, सीमाई क्रॉसिंग बंद रहने और पुनर्निर्माण में हो रही देरी के मद्देनजर लिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समिति को प्रशासन सौंपने की प्रक्रिया के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी के साथ उन्होंने सरकारी कार्य अनुवर्ती समिति और सरकारी आपातकालीन समिति के अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की घोषणा की।
काम करते रहेंगे कर्मचारी
पत्र के अनुसार सरकारी कर्मचारी अपने पदों पर केवल पेशेवर एवं तकनीकी स्तर पर काम करते रहेंगे, ताकि प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी कोई खालीपन न आए। उन्होंने कहाकि यह व्यवस्था काहिरा में फिलिस्तीनी गुटों के बीच सहमत रोडमैप के अनुरूप होगी। अल-फर्रा ने कहाकि शेष सरकारी ढांचा अब ‘सरकारी सेवा प्रबंधन प्राधिकरण’ के नाम से काम करेगा। यह फिलिस्तीनी कानूनों एवं नियमों के अनुसार अपनी सेवाएं देता रहेगा। उन्होंने कहाकि सरकारी कर्मचारी राज्य के कर्मचारी हैं और जनता की सेवा के लिए पूरी क्षमता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को तैयार हैं। उन्होंने सभी पक्षों और मध्यस्थों से अपील की कि वे गाजा के प्रशासन के लिए गठित राष्ट्रीय समिति को तत्काल अपना कार्यभार संभालने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन शुरू करने में सहयोग सुनिश्चित करें।
राष्ट्रीय समिति ने क्या कहा
गौरतलब है कि राष्ट्रीय समिति एनसीएजी, जो वर्तमान में काहिरा में है, को शांति बोर्ड ने बनाया था। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्टूबर 2025 में संघर्ष विराम कराने के समय स्थापित किया था। इन सबके बीच एनसीएजी ने कहाकि वह गाजा में शासन करने के लिए तैयार है। कमेटी के प्रमुख अली शाथ ने एक्स पर लिखा कि हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा’ पूरी तरह से तैयार है। जैसे ही हमें जरूरी संसाधन और क्षमताएं मिल जाएंगी, हम अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे। उन्होंने आगे लिखा कि कमेटी की सफलता के लिए जरूरी है कि एक ही अथॉरिटी हो, स्पष्ट प्रावधानों के साथ एक कानून हो और एक ही सशस्त्र हो, जो केवल इस संस्था के प्रति जवाबदेह हो।
बोर्ड ऑफ पीस ने कहाकि उसने हमास की घोषणा का संज्ञान लिया है। साथ ही सभी हथियारों को एनसीएजी के नियंत्रण में देने की बात कही है। इसका मतलब है कि व्यापक गाजा शांति योजना और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद निर्णय 2802 के मुताबिक सभी हथियारों को एनसीएजी के नियंत्रण में लाना है।
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