Source :- LIVE HINDUSTAN
What effect of stick out of tongue: हर रोज अगर आप 40 सेकेंड तक जीभ को बाहर निकालकर बैठते हैं तो इससे शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे। ये प्रैक्टिस कॉर्टिसोल लेवल को कम करती है, जिससे स्ट्रेस और एंजायटी से राहत मिलती है।
सुनने में कितना अजीब लगता है। लेकिन जब कोई इंसान 40 सेकेंड तक अपनी जीभ को बाहर निकालता है तो उसका शरीर पर गहरा असर पड़ता है। वैसे तो योगी मुनियों ने सिंह आसन मुद्रा का अभ्यास करने के लिए बताया है। ये आसन स्ट्रेस, एंजायटी,थायराइड जैसी बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है। वहीं साइंस में भी प्रूव हो चुका है कि अगर कोई इंसान जीभ को बाहर निकालकर कुछ सेंकेड रहता है तो उससे शरीर में कॉर्टिसोल लेवल कम होता है। न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया आखिर कैसे ये 40 सेकेंड जीभ बाहर निकालने वाला फार्मूला काम करता है।
न्यूरोलॉजिस्ट ने शेयर किया एक्सपीरिएंस
माउंड सिनाई न्यूरोल़जिस्ट ने बताया कि उन्होंने अपने एक मरीज को रोजाना 40 सेकेंड के लिए जीभ बाहर निकालने के लिए बोला। ऐसा करने से 2 सप्ताह के भीतर ही मरीज का कार्टिसोल लेवल कम हो गया, जबकि इस दौरान किसी भी तरह की दवाओं को नहीं बदला गया था।
40 सेकेंड जीभ बाहर करने से क्या होता है?
दरअसल, हमारी गर्दन में बॉडी के पुराने तनाव का 60 से 80% हिस्सा होता है। ये तनाव लोकल नहीं रहता और वेगस नर्व पर दबाव डालता है, सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड के बहाव को रोकता है और नर्वस सिस्टम को चौबीसों घंटे कम स्ट्रेस रिस्पॉन्स में बंद रखता है। अब जब आप जीभ को बाहर निकालते हैं तो ये जीभ सीधे हायॉयड हड्डी से जुड़ती है,जो गर्दन और गले की गहरी मांसपेशियों को सहारा देती है। इसे पूरी तरह फैलाने से आपके जबड़े से गर्दन और छाती तक जाने वाली पूरी फेशियल चेन में डीकंप्रेशन इफेक्ट पैदा होता है। जिससे स्ट्रेस रिलीज हो जाता है और आपकी बॉडी का कॉर्टिसोल लेवल कम होता है।
आखिर 40 सेकेंड ही क्यों?
दिमाग में सवाल आता है कि आखिर 40 सेकंड तक ही जीभ को बाहर क्यों निकालना है। इससे कम या ज्यादा क्यों नहीं? दरअसल, जब आप जीभ को बाहर निकालते हैं तो पहले 30 सेकेंड तक मसल्स पुराने टेंशन में लौटती है लेकिन अगले 10 सेकेंड होने पर जब 40 सेकेंड पूरे होते हैं तो टेंशन रिलीज होती है और धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए इस प्रैक्टिस में टाइमिंग का भी रोल है और 40 सेकेंड से कम करने पर असर पूरा नहीं दिखेगा।
जीभ बाहर निकालने की मुद्रा है सिंह आसन
योग के आसनों में एक आसन है सिंहासन मुद्रा। जिसमे वज्रासन मुद्रा में बैठकर दोनों हाथों को आगे की तरफ टिकाया जाता है और फिर गहरी सांस भरकर जीभ बाहर निकालकर गले से आवाज निकाली जाती है। इस मुद्रा को सिंहासन मुद्रा कहते हैं क्योंकि इसमे शेर की तरह गले से आवाज निकलती है। ये आसन स्ट्रेस, एंजायटी जैसी समस्या को दूर करने में मदद करता है।
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