Source :- LIVE HINDUSTAN
आजकल ज्यादातर लोग कम उम्र में जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। ऐसा सेहत पर ध्यान ना देने की वजह से होता है। ऐसे में 62 साल के सीनियर सिटिजन की डायट और फिटनेस सीक्रेट आपके काम आ सकते हैं। जानिए-
आजकल के समय में ज्यादातर लोगों के लिए फिटनेस का मतलब क्रैश डायट, हैवी जिम वर्कआउट और बॉडी फिगर मेंटेन करना है। जबकि फिट रहने का ये सही तरीका नहीं है। चेन्नई के एक 62 साल के व्यक्ति ने साबित कर दिया है कि लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए हैवी जिम रूटीन और सख्त डाइटिंग जरूरी नहीं है। बल्कि लगातार कोशिश और सादगी ही सबसे जरूरी चीजें हैं। कंटेंट क्रिएटर जयचंद्रन तमिलरासन के 25 जून के इंस्टाग्राम वीडियो में एक सीनियर सिटिजन की बहुत ही आसान लाइफस्टाइल को दिखाया गया है। उनके द्वारा शेयर किए गए इस रूटीन में सिंपल खानपान और हल्की फुल्की एक्सरसाइज शामिल है।
फिटनेस का नहीं था अंदाजा
दुबले-पतले और एनर्जेटिक शरीर के बावजूद, चेन्नई के रहने वाले इस व्यक्ति ने माना कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि वे कितने अलग दिखते हैं। जयचंद्रन के पोस्ट किए गए वीडियो में व्यक्ति कहते हैं कि लेकिन मुझे पता नहीं था कि मैं इतना फिट हूं।
सिंपल है वर्कआउट रूटीन
जब उनसे उनके वर्कआउट रूटीन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वे वेट ट्रेनिंग बिल्कुल नहीं करते। उनकी फिटनेस पूरी तरह से रोजाना की एक्टिविटी पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि वह सुबह के समय स्ट्रेचिंग करते हैं। शाम को बैडमिंटन खेलते हैं। इस रूटीन को बनाए रखने के लिए उनके सोने का एक तय शेड्यूल है जिसे वह पूरी तरह से फॉलो करते हैं। इस रूटीन में वह रोजाना 6 घंटे सोते हैं।
खाने पीने की टाइमिंग है सेट
व्यक्ति के खाने-पीने की आदतें एक सख्त और समय पर आधारित प्लान के अनुसार होती हैं, जिसमें घर का बना साफ-सुथरा इंडियन खाना, सही मात्रा में खाना और लीन प्रोटीन शामिल होता है। वह ब्रेकफास्ट में तीन इडली, अंडे का सफेद हिस्सा और सलाद खाते हैं। इसके अलावा सुबह 11:30 बजे के समय पर चना खाते हैं। दोपहर 12:45 बजे वह रोटी, दही-चावल और सब्जी खाते हैं।
यंगस्टर्स को दी सलाह
इस 62 वर्षीय व्यक्ति ने यंगस्टर्स को एक सलाह दी है जिसमें उन्होंने जंक फूड से बचने को कहा है क्योंकि ये सेहत खराब करता है। इसके अलावा फिटनेस के शौकीन इस व्यक्ति ने युवा पीढ़ी के लिए एक जरूरी संदेश भी दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि एक जगह बैठकर काम करने या सुस्त आदतों के बजाय शरीर को एक्टिव को प्राथमिकता दें और इस बात पर ध्यान दें कि वे क्या खा रहे हैं। वह कहते हैं कि ट्रेचिंग करें और दौड़ने, चलने या किसी खेल जैसी गतिविधियों से पसीना बहाएं।
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