Source :- LIVE HINDUSTAN

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में मंगलवार को तूफानी तेजी आई है। सुजलॉन एनर्जी के शेयर मंगलवार को BSE में इंट्राडे के दौरान 6 पर्सेंट से अधिक के उछाल के साथ 59.25 रुपये पर पहुंच गए। यह लगातार चौथा दिन है, जब एनर्जी कंपनी के शेयरों में तेजी आई है। 4 दिन में सुजलॉन एनर्जी के शेयर करीब 11 पर्सेंट उछल गए हैं। शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में और उछाल देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स ने एनर्जी कंपनी के शेयरों के लिए 75 रुपये तक का टारगेट प्राइस दिया है।

25% से ज्यादा रेवेन्यू ग्रोथ का टारगेट
सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) ने हाल में हुई अपनी इनवेस्टर मीट में वित्त वर्ष 2031 के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। कंपनी ने खुद को एक विंड-फोकस्ड कंपनी से एक व्यापक रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म में बदलने का लक्ष्य रखा है। इस अवधि के दौरान कंपनी 25 पर्सेंट सीएजीआर से ज्यादा की रेवेन्यू ग्रोथ टारगेट कर रही है। साथ ही, कंपनी का घरेलू विंड एनर्जी मार्केट में अपनी लीडरशिप पोजिशन मजबूत करने का लक्ष्य है। अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी के तहत सुजलॉन एनर्जी देश के विंड एनर्जी मार्केट में अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 33 पर्सेंट से बढ़ाकर 40 पर्सेंट से अधिक करना चाहती है।

सुजलॉन के शेयरों को 75 रुपये तक का टारगेट
ब्रोकरेज हाउस सेंट्रम ने सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के शेयरों के लिए 75 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यानी, कंपनी के शेयरों में करीब 36 पर्सेंट की तेजी पिछले बंद स्तर से देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज हाउस सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों को बाय (Buy) रेटिंग दी है। ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के शेयरों के लिए 71 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने भी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों को बाय रेटिंग दी है और कंपनी के शेयरों के लिए 65 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। जेएम फाइनेंशियल ने भी कंपनी के शेयरों के लिए बाय रेटिंग के साथ 65 रुपये का टारगेट दिया है।

सरकार की बड़ी तैयारी
केंद्रीय रिन्यूएबल एनर्जी मिनिस्टर प्रह्लाद जोशी ने विंड इंडीपेंडेंट पावर प्रॉड्यूशर्स एसोसिएशन (WIPPA) और इंडियन विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IWTMA) से कहा है कि वे अगले 30 दिन के भीतर देश भर के पुराने हो रहे विंड टर्बाइन का डीटेल्ड असेसमेंट सबमिट करें। ग्लोबल विंड डे के मौके पर गोवा में एक इवेंट में उन्होंने कहा कि भारत के पास पुराने विंड टर्बाइन्स का एक बड़ा फ्लीट है, जिसे मॉर्डन और हायर कैपेसिटी मशीन्स से रिप्लेस किया जा सकता है, जो कि उसी जगह से कहीं ज्यादा बिजली पैदा करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास बड़ी संख्या में पुरानी टर्बाइन्स हैं, मैं चाहूंगा कि IWTMA और WIPPA 30 दिन के भीतर देश भर में ऐसी टर्बाइन्स की संख्या को लेकर एक डीटेल्ड एसेसमेंट सबमिट करें।’ भारत ने भी साल 2030 तक 100 GW और साल 2036 तक 156 GW की इंस्टॉल्ड विंड एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

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