Source :- LIVE HINDUSTAN
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। आज यानी 7 सितंबर 2026 से चेन्नई में आयोग की दो दिवसीय बैठक शुरू हो रही है, जिसमें तमिलनाडु के केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर संगठन वेतन, पेंशन और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े मुद्दे आयोग के सामने रखेंगे। इसके बाद 9 सितंबर को पुडुचेरी में भी चर्चा होगी। इन बैठकों में एक अहम मांग सालाना इंक्रीमेंट की मौजूदा दर को बढ़ाने की है। फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों को सालाना 3% इंक्रीमेंट मिलता है, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 5% से 7% तक करने की डिमांड की है। AINPSEF (All India New Pension Scheme Employees’ Federation) ने 7% इंक्रीमेंट की सिफारिश की है, जबकि NC-JCM, AIDEF और FNPO ने 6% की डिमांड रखी है। वहीं, IRTSA ने 5% इंक्रीमेंट के साथ 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।
दरअसल, फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट दोनों ही कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन दोनों का असर अलग-अलग समय पर दिखाई देता है। फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर नई पे कमीशन (Pay Commission) व्यवस्था की शुरुआत में ही बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल मिल सकता है। वहीं, ज्यादा सालाना इंक्रीमेंट का फायदा हर साल मिलने वाली सैलरी बढ़ोतरी में दिखाई देगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की 7th पे कमीशन के तहत बेसिक सैलरी ₹35,000 है और 8th पे कमीशन में 2.15 का अनुमानित फिटमेंट फैक्टर लगाया जाता है, तो केवल अनुमान के आधार पर नई बेसिक सैलरी करीब ₹75,250 हो सकती है। इसके बाद अगर सालाना इंक्रीमेंट 3% रहता है, तो कर्मचारी की सैलरी हर साल धीरे-धीरे बढ़ेगी।
| संस्था | प्रस्तावित वार्षिक वेतन वृद्धि |
|---|---|
| NC-JCM (National Council of the Joint Consultative Machinery) | 6% |
| AIDEF (All India Defence Employees’ Federation) | 6% |
| FNPO (Federation of National Postal Organisations) | 6% |
| AINPSEF (All India New Pension Scheme Employees Federation) | 7% |
| IRTSA (Indian Railways’ Technical Supervisors’ Association) | 5% |
इसके उलट अगर फिटमेंट फैक्टर का लाभ नहीं मिलता और सालाना इंक्रीमेंट 5%, 7% या 10% कर दिया जाता है, तो शुरुआत में बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल नहीं मिलेगा, लेकिन समय के साथ कंपाउंडिंग के कारण अंतर तेजी से बदल सकता है। उदाहरण के लिए ₹35,000 की बेसिक सैलरी पर 7% सालाना इंक्रीमेंट मिलने की स्थिति में कुछ सालों बाद सैलरी की बढ़ोतरी 3% इंक्रीमेंट की तुलना में काफी ज्यादा हो सकती है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन मानते हैं कि ज्यादा इंक्रीमेंट से कर्मचारियों को लंबे समय तक लगातार बेहतर वेतन वृद्धि मिल सकती है। AINPSEF का कहना है कि 7% इंक्रीमेंट से सैलरी करीब 6-7 सालों में दोगुनी होने की संभावना बन सकती है, जबकि 3% इंक्रीमेंट के साथ इसमें ज्यादा समय लग सकता है।
| Path | Year 1 basic | Year 5 basic | Year 10 basic |
|---|---|---|---|
| One-time 2.15x revision, then 3%/yr | ₹ 66,435 | ₹ 74,773 | ₹ 86,683 |
| No revision, 5%/yr increment | ₹ 31,500 | ₹ 38,288 | ₹ 48,867 |
| No revision, 7%/yr increment | ₹ 32,100 | ₹ 42,077 | ₹ 59,015 |
| No revision, 10%/yr increment | ₹ 33,000 | ₹ 48,315 | ₹ 77,812 |
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट में से कौन ज्यादा फायदेमंद होगा, इसका जवाब केवल अनुमानित आंकड़ों से तय नहीं किया जा सकता। फिटमेंट फैक्टर से शुरुआत में बड़ा फायदा मिल सकता है, जबकि ज्यादा इंक्रीमेंट लंबे समय में मजबूत वेतन वृद्धि दे सकता है।
फिटमेंट फ़ैक्टर Vs ज़्यादा इंक्रीमेंट रेट: ₹30,000 बेसिक पे पाने वाले कर्मचारियों के लिए सैलरी का अनुमान
| Path | Year 1 basic | Year 5 basic | Year 10 basic |
|---|---|---|---|
| One-time 2.15x revision, then 3%/yr | ₹ 77,508 | ₹ 87,235 | ₹ 1,01,130 |
| No revision, 5%/yr increment | ₹ 36,750 | ₹ 44,670 | ₹ 57,011 |
| No revision, 7%/yr increment | ₹ 37,450 | ₹ 49,089 | ₹ 68,850 |
| No revision, 10%/yr increment | ₹ 38,500 | ₹ 56,368 | ₹ 90,781 |
फिटमेंट फ़ैक्टर Vs ज़्यादा इंक्रीमेंट रेट: ₹30,000 बेसिक पे पाने वाले कर्मचारियों के लिए सैलरी का अनुमान
| Path | Year 1 basic | Year 5 basic | Year 10 basic |
|---|---|---|---|
| One-time 2.15x revision, then 3%/yr | ₹ 88,580 | ₹ 99,698 | ₹ 1,15,577 |
| No revision, 5%/yr increment | ₹ 42,000 | ₹ 51,051 | ₹ 65,156 |
| No revision, 7%/yr increment | ₹ 42,800 | ₹ 56,102 | ₹ 78,686 |
| No revision, 10%/yr increment | ₹ 44,000 | ₹ 64,420 | ₹ 1,03,750 |
इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), न्यू पे मैट्रिक्स, HRA और अन्य भत्तों में बदलाव भी कर्मचारी की वास्तविक आय को प्रभावित करेंगे। इसलिए ₹35,000 बेसिक पे वाले कर्मचारी के लिए अंतिम फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि 8th पे कमीशन फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट को लेकर क्या सिफारिश करता है और सरकार उसे किस रूप में लागू करती है। अभी 2.15 फिटमेंट फैक्टर और 5%, 7% या 10% इंक्रीमेंट जैसी गणनाएं केवल अनुमान हैं। 8th पे कमीशन की अंतिम सिफारिश और सरकार के फैसले के बाद ही वास्तविक नई सैलरी का पता चलेगा।
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