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8 अक्टूबर को होगी GST काउंसिल की बैठक, इन लोगों को मिलेगी राहत!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक अब 8 अक्टूबर को होगी
  • पहले यह बैठक 7 अक्टूबर को होने वाली थी
  • अब बैठक 8 अक्टूबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी

GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक अब 8 अक्टूबर को होगी। पहले यह बैठक 7 अक्टूबर को होने वाली थी। अब बैठक 8 अक्टूबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी। जीएसटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट ने 5 अक्टूबर को जारी ऑफिस मेमोरेंडम में बैठक की तारीख बदलने की जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि ‘अनअवॉइडेबल सर्कम्स्टैंसेज’ के कारण बैठक को एक दिन आगे बढ़ाया गया है।

इससे पहले भी बढ़ा है डेट

जीएसटी काउंसिल की यह बैठक पहले 12 सितंबर को होनी थी। बाद में 6 सितंबर को जारी मेमोरेंडम के जरिए इसकी तारीख बदलकर 7 अक्टूबर कर दी गई थी। अब एक बार फिर तारीख में बदलाव किया गया है। अधिकारियों की बैठक अब 5 और 6 अक्टूबर को होने वाली है।

क्यों खास है यह बैठक

बता दें कि यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक सितंबर 2025 में हुई थी। उस बैठक में जीएसटी 2.0 में बड़े बदलावों को मंजूरी दी गई थी। इसमें जीएसटी की दरों को आसान बनाया गया और कुछ लग्जरी और महंगी वस्तुओं पर 40 फीसदी की विशेष दर लागू करने का फैसला हुआ था।

इन मुद्दों पर चर्चा संभव

57वीं बैठक के एजेंडे को अभी पब्लिक नहीं किया गया है। हालांकि, बैठक में इनपुट टैक्स क्रेडिट, रिफंड और जीएसटी से जुड़े कम्प्लायंस जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। जीएसटी काउंसिल की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करती हैं और इसमें सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं।

पीएम मोदी ने दिए ये संकेत

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के अगले चरण का समर्थन करते हुए कहा है कि इससे टैक्स व्यवस्था और सरल होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए बदलावों से कारोबारियों के लिए टैक्स का अनुमान लगाना और उसका अनुपालन करना आसान होगा। साथ ही, रिफंड प्रक्रिया में सुधार होगा, जिससे कारोबारियों को निवेश और कारोबार बढ़ाने में अधिक भरोसा मिलेगा। इन सुधारों को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से भी जोड़ा जा रहा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण पहले किए गए बदलावों को आगे बढ़ाएगा और टैक्सपेयर्स के लिए व्यवस्था को अधिक आसान बनाएगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, रिटर्न दाखिल करने, रिफंड, विवादों के समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े नियमों को सरल बनाने पर फोकस किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य टैक्सपेयर्स को राहत देना और अर्थव्यवस्था को तेज गति देना है।

1 जुलाई 2017 को शुरू हुआ था जीएसटी

जीएसटी 1 जुलाई 2017 को शुरू हुआ था। इसका मकसद देश में अलग-अलग तरह के इनडायरेक्ट टैक्स को एक ही टैक्स व्यवस्था में लाना था, ताकि पूरे देश में कारोबार करना आसान हो। इसके बाद जीएसटी के नियमों, टैक्स की दरों और ऑनलाइन व्यवस्था में कई बदलाव किए गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में करीब 66.5 लाख कारोबारी जीएसटी में रजिस्टर्ड थे, जो मई 2026 तक बढ़कर 1.65 करोड़ हो गए।

(भाषा इनपुट के साथ)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN