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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/05/27/1200x900/Screenshot_2026-05-27_201041_1779892859730_1779892864353_e5c33979-77e4-4f33-817f-1beaf57d5373.pngमोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के बीच एक तगड़ा विवाद था। दोनों ने साथ कभी गाना नहीं गाने की कसम खा ली थी। लेकिन फिर SD बर्मन ने लता मंगेशकर से कुछ ऐसा कहा जिससे उन्हें झटका लगा। फिर 5 साल बाद वो इस एक गाने के लिए साथ आए।
मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने कई शानदार गाने गाए। 50 के दशक में दोनों इंडस्ट्री के सबसे बड़े सिंगर्स में शामिल थे। दोनों की जोड़ी ने उस समय कई हिट गाने दिए। इनकी आवाज फिल्म के हर हीरो और हीरोइन पर सूट कर रही थी। 1962 के उस साल में लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी में गानों की रोयल्टी को लेकर विवाद हो गया। रफी साहब ने साफ कह दिया कि अब वो लता के साथ गाने नहीं गाएंगे। वहीं लता मंगेशकर भी रफी साहब से नाराज हो गई और दोनों ने कभी साथ गाना नहीं गाने की कसम खा ली। लेकिन फी ऐसा क्या हुआ कि लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी को अपना पुराना विवाद भुलाकर साथ गाने रिकॉर्ड करने पड़े।
लंबा चला था लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच का विवाद
लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच चार सालों तक विवाद चलता रहा। इस बीच कई नए सिंगर्स को मौका मिलने लगा। मोहम्मद रफी ने इस दौरान सुमन कल्यानपुर और आशा भोसले के साथ कई गाने रिकॉर्ड किए। दूसरी सिंगर्स के गाने भी फिल्मों में खूब चल रहे थे।
SD बर्मन का ऑफर रिजेक्ट किया
इस बीच SD बर्मन को एक बड़ी फिल्म में गाना बनाने का मौका मिला। उन्होंने गाने के लिए लता मंगेशकर को फोन किया और कहा कि ये गाना वो उनसे गवाना चाहते हैं। लेकिन जब लता मंगेशकर को पता चला कि इस गाने के लिए मोहम्मद रफी भी गाना गाने वाले हैं तो उन्होंने SD बर्मन का ऑफर रिजेक्ट कर दिया। SD बर्मन हार नहीं मानें और वो सीधे लता मंगेशकर के घर चले गए। दरवाजा खुला और उन्होंने बिना ,मक्खन लगाए एक ऐसी बात कह दी जिससे लता मंगेशकर के पैरों के नीचे से जमीन घिसक गई।
सताया गद्दी जाने का डर
SD बर्मन ने लता मंगेशकर के घर पहुंचे और कहा कि लता तुम्हारी ये जिद तुम्हारा ही करियर बर्बाद कर रही है। तुम्हारी जगह दूसरी सिंगर्स ले रही हैं। मैं आज फेमस स्टूडियो जा रहा हूं और अगर तुम नहीं आई तो मैं ये गाना सुमन कल्यानपुरी से गवाऊंगा। लता मंगेशकर ये बात चुभ गई। उन्हें पहली बार अपनी गद्दी छिनने का डर सताया। वो समझ गई थी कि ईगो इंसान का सिर्फ नुकसान करवाती है।
फिर हुआ साथ गाने का कमाल
उन्होंने तुरंत म्यूजिशियन जय किशन को फोन लगाया। उन्होंने रफी साहब से साथ गाने की बात कही। मोहम्मद रफी ने भी कोई कडवाहट नहीं दिखाई और फिर अपनी पुरानी दोस्त के साथ गाना गाने के लिए राजी हो गए। फिर वो हुआ जो पिछले करीब 5 सालों से नहीं हुआ था। मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर साथ आए। मुंबई के शंमुखा हॉल में दोनों के साथ गाने का एलान हुआ और उस दिन रिकॉर्ड हुआ 1967 में आई देव आनंद की फिल्म ज्वेल थीफ का गाना ‘दिल पुकारे आ रे आ रे’। इसके बाद भी दोनों ने कई फिल्मों के लिए गाने गाए।
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