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पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और अमेरिका की नाकाबंदी जारी है। अमेरिका ने ईरान पोर्ट पर जाने की कोशिश कर रहे गाम्बिया के जहाज को बीच रास्ते में ही रोक दिया है। हालांकि यूएस नेवी ने बताया कि उनके सैनिक जहाज पर नहीं चढ़े हैं।

पश्चिम एशिया में जारी संकट ने पूरे विश्व को परेशान किया हुआ है। अमेरिका ने होर्मुज के बाहर नाकेबंदी लगाई हुई है, दूसरी तरफ ईरान ने होर्मुज पर पाबंदी लगाई हुई है। इसी क्रम में अमेरिका की तरफ से शनिवार को बताया गया कि उसकी नौ सेना ने होर्मुज पार करके ईरान पहुंचने की कोशिश कर रहे एक व्यापारिक जहाज को रोक दिया है। जानकारी के मुताबिक यह जहाज गाम्बिया के झंड़े वाला था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने जहाज को काफी चेतावनी दी, लेकिन वह लगातार आगे बढ़ता रहा। इसके बाद उसे रोक बल पूर्वक रोक दिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि जहाज पर कोई भी अमेरिकी सैनिक नहीं चढ़ा है।

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, नाम न छापने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि गाम्बिया के झंडे वाले जहाज लियान स्टार को रोका गया है। यह जहाज कई चेतावनियों के बाद भी आगे ईरान की तरफ जाने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद इसे ओमान की खाड़ी के बाद निष्क्रिय कर दिया गया। तब से लेकर अब तक वह वहीं पर है।

होर्मुज पर जारी है अमेरिकी नाकेबंदी

बता दें, 17 अप्रैल के बाद से होर्मुज के बाहर अमेरिकी सेना की नाकेबंदी जारी है। अभी तक अमेरिका ने ईरान जाने वाले 6 विदेशी जहाजों को रोक दिया है। एक तरफ ईरान है, जो अमेरिका के साथी देशों या किसी भी अन्य देश के जहाज को निकलने नहीं दे रहा है, दूसरी तरफ अमेरिका है, जो ईरान संबंधित जहाज को होर्मुज को निकलने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। इसी पूरे घटनाक्रम की वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट बना हुआ है।

ईरान को झुकाने के लिए है नाकेबंदी: अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक होर्मुज पर अमेरिकी नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की आपूर्ति को सीमित करना और तेहरान को होने वाले कैश फ्लो को रोकना है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को और भी ज्यादा कमजोर किया जा सके। ट्रंप कह चुके हैं कि जब तक ईरान शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, अमेरिका अपनी नाकाबंदी नहीं हटाएगा। दूसरी तरफ इजरायल और लेबनान के बीच हुई समझौते के बाद ईरान ने होर्मुज खोलने की पेशकश की थी, लेकिन अमेरिका की तरफ से साफ कर दिया गया कि जब तक शांति समझौता नहीं होगा, तब तक नाकाबंदी नहीं हटेगी। इसके बाद फिर से ईरान ने होर्मुज पर पाबंदी लगा दी थी।

बता दें, दोनों देश फिलहाल शांति समझौते की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि अभी तक इस पर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। अमेरिका अपनी जिद (ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा, केवल एक परमाणु रिएक्टर बना सकता है।) पर अड़ा हुआ है। दूसरी तरफ अपने दशकों पुराने अमेरिकी हमले वाले डर का सामना कर चुका ईरान किसी भी मुद्दे पर झुकने को तैयार नहीं है। इन तमाम वजहों की वजह से 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों के साथ शुरू हुआ यह युद्ध उलझा हुआ है। दोनों पक्ष लगातार युद्धविराम को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन किसी भी डील पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस उठा पटक वाली स्थिति में होर्मुज पर दोनों तरफ से बैन लगा हुआ है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की नींव डगमगाई हुई है।

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