Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/15/1200x900/15_june_Keshto_Mukherjee_1781543946424_1781543950820_2a92a43f-c135-4dee-ac2a-e70d6c59b796.jpgBollywood Actor: आइए आपको एक ऐसे कलाकार के बारे में बताते हैं जो हमेशा शराबी का किरदार निभाते थे, लेकिन असल जिंदगी में शराब से दूर रहते थे।
भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा अभिनेता भी हुआ, जिसने पर्दे पर हमेशा शराब के नशे में झूमकर पूरी दुनिया को हंसाया, लेकिन असल जिंदगी में कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया। पहचाना? नहीं, इस एक्टर का नाम केष्टो मुखर्जी है। इन्होंने अपने करियर में 90 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था।
कैसे हुई थी शुरुआत?
कोलकाता में जन्मे केष्टो मुखर्जी ने एक्टिंग की शुरुआत नुक्कड़ नाटकों और रंगमंच से की थी। फिर मशहूर फिल्मकार ऋत्विक घटक की नजर उनपर पड़ी और उन्होंने उन्हें अपनी बांग्ला फिल्म ‘नागरिक’ में काम दिया। किस्मत का खेल देखिए, ये फिल्म 1952 में बन गई थी, लेकिन रिलीज 1977 में रिलीज हो पाई थी। तब तक ऋत्विक घटक इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे और अपने गुरु के जाने के गम में केष्टो ने इस फिल्म को कभी नहीं देखा।
कोलकाता से बॉम्बे का रुख
कोलकाता में कई बंगाली फिल्में करने के बाद भी केष्टो का गुजारा नहीं हो पा रहा था। न पेट की भूख शांत हो रही थी और न ही अभिनय की। आखिरकार, आंखों में बड़े सपने लेकर वो मायानगरी बॉम्बे आ गए। यहां आकर उन्होंने किसी तरह मशहूर डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी से संपर्क किया। ऋषिकेश ने उन्हें अपनी फिल्म ‘मुसाफिर’ में एक स्ट्रीट डांसर का छोटा-सा रोल दे दिया।
‘भौंक सकते हो क्या?’
बॉम्बे में पैर जमाने की जद्दोजहद के बीच, केष्टो मुखर्जी एक दिन लीजेंड्री फिल्ममेकर बिमल रॉय से मिलने उनके सेट पर पहुंच गए। बिमल अपनी शूटिंग में बिजी थे। ऐसे में केष्टो वहीं रुककर उनका इंतजार करने लगे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब केष्टो उनके सामने आए तो बिमल रॉय ने कहा, ‘अभी मेरे पास तुम्हारे लिए कोई काम नहीं है, बाद में आना।’ बिमल के ये कहने पर भी केष्टो वहां से गए नहीं। कुछ देर बाद जब बिमल की नजर फिर सक उन पर पड़ी, तो वो थोड़े चिढ़ गए। उन्होंने केष्टो से पूछा, ‘भौंक सकते हो क्या? मुझे अपनी फिल्म के एक सीन के लिए कुत्ते की आवाज की जरूरत है। तुम निकाल सकते हो कुत्ते की आवाज?’
और छा गया सन्नाटा…
कोई भी ये सवाल सुनकर दुखी हो जाता है और वहां से चला जाता, लेकिन केष्टो ने ऐसा नहीं किया। पहले वो शांत रहे और फिर कुत्ते की आवाज निकालने लगे। उनकी इस हरकत ने बिमल को चौंका दिया। बिमल के पास कहने के लिए कुछ बचा नहीं। उन्होंने तुरंत केष्टो को अपनी फिल्म में साइन कर लिया।
56 में चल बसे
इसके बाद केष्टो की राह आसान हो गई। उन्होंने 90 से ज्यादा फिल्में कीं और 56 की उम्र में चल बसे। कहा जाता है कि उनका निधन एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना की वजह से हुआ था। जब वो मुंबई के पास एक गणपति मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे तब एक ट्रक ने उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी। केष्टो घायल हो गए और अगले दिन हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हो गया।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN







