Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका और ईरान ने लगभग चार महीने से चल रहे टकराव को खत्म करने के लिए वर्चुअली एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए हैं। यह इस साल की शुरुआत में युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़ी कामयाबी है।
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले चार महीनों से चल रहे भीषण तनाव और जंग को समाप्त करने की दिशा में एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने वर्चुअली एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जो दोनों देशों के बीच शांति संधि की आधारशिला रखेगा। सूत्रों के अनुसार, इस शांति समझौते की MOU पर वर्चुअली दस्तखत होने के बाद अब शुक्रवार को एक औपचारिक हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जाएगा।
हालांकि, इस समझौते के पूर्ण विवरण अगले 48 घंटों में जारी होने की उम्मीद है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे युद्ध छिड़ने के बाद से अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने पहले ही इस समझौते पर साइन कर दिए हैं। शुक्रवार को औपचारिक रूप से साइन करने का समारोह होने की उम्मीद है।
MoU शांति समझौते की नींव
यह समझौता ज्ञापन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते की नींव रखता है, हालांकि अधिकारियों ने संकेत दिया है कि कई अहम मुद्दों पर अभी और बातचीत की जरूरत है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता तनाव कम करने का एक ढांचा (फ्रेमवर्क) बनाता है और अनसुलझे मामलों पर तकनीकी बातचीत का रास्ता तैयार करता है। यह समझौता महीनों की लड़ाई के बाद हुआ है, जो फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों और उसके बाद अमेरिकी हितों और क्षेत्रीय सहयोगियों पर ईरान के हमलों के बाद शुरू हुई थी।
होर्मुज समुद्री मार्ग का खुलेगा रास्ता
इस समझौते का सबसे तत्काल और सकारात्मक प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक, होर्मुज समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होने लगी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हालांकि स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन समुद्री यातायात में महत्वपूर्ण वृद्धि पहले ही दिखने लगी है। यह संघर्ष इस साल फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी हितों पर हमले किए थे।
तनाव कम करने का एक फ्रेमवर्क तैयार
अब इस नए समझौते के तहत तनाव कम करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। अमेरिका ईरान के फ्रीज फंड को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार कर रहा है। इसके बदले में, अमेरिका चाहता है कि ईरान शांति के लिए कुछ “सत्यापित और अपरिवर्तनीय कदम” उठाए। भले ही यह एक बड़ी जीत है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत एक अलग प्रक्रिया के तहत जारी रहेगी।अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी इस समझौते की शर्त नहीं है, जैसा कि कुछ ईरानी दावों में कहा जा रहा था। इस समझौते को दुनिया भर में राहत की लहर के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल क्षेत्रीय स्थिरता आएगी बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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