Source :- LIVE HINDUSTAN
TRAI सस्ते Voice और SMS-Only रिचार्ज प्लान लाना चाहता है, लेकिन Jio, Airtel और Vodafone Idea ने इसका विरोध किया है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा 4G और 5G नेटवर्क की तकनीक को देखते हुए ऐसे प्लान लागू करना आसान नहीं है।
देश में करोड़ों मोबाइल यूजर्स ऐसे हैं जो फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं। ऐसे यूजर्स लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि उन्हें ऐसे रिचार्ज प्लान मिलें जिनमें सिर्फ कॉल और SMS की सुविधा हो और अनावश्यक डेटा के लिए पैसे न देने पड़ें। इसी जरूरत को देखते हुए टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने हाल ही में सस्ते Voice और SMS-Only प्लान का प्रस्ताव रखा था। लेकिन Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea (Vi) ने TRAI के इस प्रस्ताव का विरोध किया है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा 4G और 5G नेटवर्क की तकनीक को देखते हुए ऐसे प्लान लागू करना आसान नहीं है। साथ ही कंपनियों का मानना है कि ऐसा करना से साइबर क्राइम बढ़ेगा।
सरकार क्या चाहती है टेलिकॉम कंपनियों से
TRAI चाहता है कि टेलीकॉम कंपनियां ऐसे रिचार्ज प्लान भी उपलब्ध कराएं जिनमें सिर्फ Voice Calling और SMS की सुविधा हो। खास बात यह है कि ये प्लान डेटा वाले प्लान की तुलना में सस्ते होने चाहिए, ताकि उन लोगों को फायदा मिल सके जिन्हें इंटरनेट की जरूरत नहीं है। पिछले कुछ सालों में ज्यादातर रिचार्ज प्लान कॉलिंग, SMS और डेटा को एक साथ जोड़कर बेचे जा रहे हैं। इससे उन लोगों को भी डेटा के लिए पे करना पड़ता है जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते।
Jio, Airtel, Vi इसलिए पर कर रही विरोध
Reliance Jio का कहना है कि आज के 4G और 5G नेटवर्क पूरी तरह IP आधारित हैं। यानी वॉयस कॉल भी डेटा नेटवर्क के जरिए ही काम करती है। Airtel का मानना है कि भारत का डिजिटल इकोसिस्टम तेजी से डेटा बेस्ड हो रहा है। सरकार की कई डिजिटल सेवाएं, ऑनलाइन पेमेंट, सरकारी योजनाएं और अन्य सुविधाएं इंटरनेट पर निर्भर हैं। Vodafone Idea (Vi) ने कहा कि अगर डेटा को प्लान से हटा दिया जाता है तो कई ग्राहकों को अनजाने में अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है। स्मार्टफोन में बैकग्राउंड अपडेट, OTP सेवाएं और कुछ ऐप्स अपने आप डेटा इस्तेमाल करते हैं।
कंपनियों ने साइबर फ्रॉड का भी मुद्दा उठाया
टेलीकॉम कंपनियों का यह भी कहना है कि बहुत सस्ते और कम अवधि वाले Voice-SMS प्लान साइबर अपराधियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। उनका तर्क है कि ऐसे प्लान के जरिए फर्जी सिम लेना आसान हो सकता है, जिससे स्पैम कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
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