Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/18/1200x900/zeenat_aman_1781759131738_1781759131911_18a6f668-ed4b-46dc-8d93-55cfed20dca6.jpgजीनत अमान हिंदी सिनेमा की खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेस हैं। कम लोग जानते हैं कि उनका एक हिंदू नाम भी है। जीनत पढ़ने में काफी होशियार थीं। उन्होंने एक्ट्रेस बनने का फैसला लिया तो उनकी टीचर रोई थीं।
जीनत अमान किसी एक धर्म को नहीं मानती हैं। उनका सोचना है कि मानवता सबसे बड़ा रिलीजन है। एक इवेंट में उन्होंने खुद से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताईं जो शायद कम लोग जानते होंगे। जीनत की मां हिंदू और काफी पूजा-पाठ करने वाली महिला थीं। जीनत का एक हिंदू नाम भी है। जीनत का कहना है कि सारे धर्म अच्छे हैं। कोई भी धर्म गलत काम करना नहीं सिखाता। वहीं जीनत ने यह भी बताया कि वह पढ़ने में काफी होशियार थीं। जब हिरोइन बनीं तो टीचर को धक्का लगा था।
मां का नाम वर्धिनी
जीनत अमान की मां हिंदू थीं। न्यूज18 के इंडियाज अमृत रत्न इवेंट में उन्होंने इस टॉपिक पर बात की। वह बोलीं, ‘मेरा नाम पिता की तरफ से जीनत अमान है लेकिन मेरी मां की तरफ से मेरा नाम ललितेश्वरी है। मेरी मां का नाम वर्धिनी था। वह बहुत धार्मिक हिंदू महिला थीं। वह रोजाना दो-तीन घंटे पूजा करती थीं। मुझे उन्होंने ही बड़ा किया है।’
क्या धार्मिक हैं जीनत
जीनत से पूछा गया कि क्या वह धार्मिक हैं। इस सवाल का जवाब उन्होंने ना में दिया। वह बोलीं, ‘मैं धार्मिक नहीं हूं क्योंकि मैंने चीजें बहुत करीब से देखी हैं। मेरी मां हिंदू, मेरे पिता मुस्लिम, मेरे बच्चों के पिता भी मुस्लिम। मैंने एक कैथोलिक स्कूल में पढ़ाई की है, मेरे स्टेपफादर जर्मन हैं तो मैंने जीवन का ग्लोबल तरीका देखा है।’
जीनत ने बताया अपना धर्म
जीनत आगे बोलती हैं, ‘इसी वजह से मुझे किसी एक धर्म से चिपककर रहने की जरूरत नहीं। सारे धर्म अच्छे हैं। कोई धर्म आपको गलत चीजें करने को नहीं कहता। मैं मानवता, दया, शांति, समानता, जानवरों और इंसानों के लिए प्यार में भरोसा करती हूं। मेरा यही धर्म है।’ जीनत अमान को इस इवेंट में भारतीय सिनेमा में अपने कॉन्ट्रिब्यूशन के लिए अमृत रत्न 2026 का अवॉर्ड मिला है।
हिरोइन बनीं तो रोई थीं टीचर
इस इवेंट में जीनत ने अपने एजुकेशन बैकग्राउंड पर भी बात की। उन्होंने बताया कि वह काफी अच्छी स्टूडेंट थी। माना जाता था आगे कुछ बढ़िया नौकरी करेंगी। जब उन्होंने फिल्मों में जाने का फैसला लिया तो उनकी प्रिंसिपल को धक्का लगा था। जीनत ने बताया, ‘जब मेरी प्रिंसिपल को पता लगा कि मैंने फिल्में करने का फैसला लिया है तो वह रोने लगीं। वह बोलीं, ‘यह लड़की पॉलिटिक्स में जा सकती थी, हमारे देश को रिप्रेजेंट कर सकती थी। फिल्मों में क्या कर रही है।’ क्योंकि मैं बहुत होशियार थी।’
कैसे आईं फिल्मों में
जीनत ने यह भी बताया कि फिल्मों में आना इत्तेफाक था। यह कोई सोचा-समझा फैसला नहीं था। वह बताती हैं, ‘उस वक्त मुझे हिंदी सिनेमा के बारे में नहीं पता था। हालांकि मेरे पिता बहुत जाने-माने स्क्रीन राइटर थे। मैं जब बहुत छोटी थी तो पेरेंट्स अलग हो गए थे। मैं मां के साथ थी तो हिंदी सिनेमा से ज्यादा वाकिफ नहीं थी।’
SOURCE : LIVE HINDUSTAN






