Source :- LIVE HINDUSTAN
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि अगर कोई भी देश अमेरिकी कंपनियों पर ऐसा कर लागू करता है, तो अमेरिका उस देश से आने वाले सभी सामानों पर तत्काल 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी है, जो अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लगाने की तैयारी कर रहे हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि अगर कोई भी देश अमेरिकी कंपनियों पर ऐसा कर लागू करता है, तो अमेरिका उस देश से आने वाले सभी सामानों पर तत्काल 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा। उन्होंने कहा कि कई यूरोपीय देश इस तरह के टैक्स को लागू करने पर विचार कर रहे हैं और कुछ देश इसे जल्द लागू करने के करीब हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह चेतावनी सभी देशों के लिए है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापारिक संबंधों में पहले से ही तनाव बना हुआ है। पिछले वर्ष दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौते के तहत अमेरिकी टैरिफ को यूरोपीय वस्तुओं पर 15 प्रतिशत तक सीमित किया गया था, जबकि यूरोपीय देशों ने अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क शून्य करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, यूरोपीय संघ की लंबी विधायी प्रक्रिया के कारण समझौते को पूरी तरह लागू करने में देरी हुई, जिससे ट्रंप नाराज हो गए। उन्होंने पहले भी यूरोप से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ दोबारा लगाने की धमकी दी थी।
कैसे विवाद के केंद्र में आया फ्रांस
फ्रांस इस विवाद के केंद्र में है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि उनका देश अमेरिकी दबाव में आकर डिजिटल सेवा कर समाप्त नहीं करेगा। फ्रांस ने 2019 में डिजिटल सेवाओं से होने वाली आय पर 3 प्रतिशत कर लागू किया था। यह कर उन कंपनियों पर लगाया जाता है जिनका फ्रांस में वार्षिक राजस्व 2.5 करोड़ यूरो से अधिक और वैश्विक राजस्व 75 करोड़ यूरो से ज्यादा है। पिछले वर्ष फ्रांसीसी सांसदों ने इस कर को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी रखा था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर फ्रांस इस टैक्स को वापस नहीं लेता, तो अमेरिका फ्रांसीसी वाइन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर विचार कर सकता है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) लंबे समय से फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, स्पेन और अन्य यूरोपीय देशों के डिजिटल सर्विस टैक्स का विरोध करता रहा है। अमेरिका का तर्क है कि ये कर मुख्य रूप से अमेरिकी तकनीकी दिग्गजों को निशाना बनाते हैं, क्योंकि वैश्विक डिजिटल सेवा क्षेत्र में उनका वर्चस्व है। ट्रंप की नई चेतावनी से अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार युद्ध की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं।
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