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खराब डेब्यू के बाद धमाकेदार प्रदर्शन: 10% अपर सर्किट पर क्रूज कंपनी के शेयर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

एक नए नवेले शेयर ने बाजार में आज धमाका कर दिया है। वह भी अपनी कमजोर लिस्टिंग यानी शेयर मार्केट में डेब्यू के अगले ही दिन। हम बात कर रहे हैं वॉटरवेज लीजर टूरिज्म के शेयरों की। इस कंपनी के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। कंपनी के शेयर बीएसई पर 10 प्रतिशत के ऊपरी सर्किट के साथ 734.05 रुपये पर पहुंच गए, जो उनका नया रिकॉर्ड हाई है। यह उछाल बुधवार को कमजोर शुरुआत के ठीक अगले दिन आई है, जब शेयर आईपीओ प्राइस से करीब 16 प्रतिशत की छूट पर लिस्ट हुए थे।

क्या करती है कंपनी

वॉटरवेज लीजर टूरिज्म कॉर्डेलिया क्रूज का संचालन करती है, जो भारत की घरेलू समुद्री क्रूज ब्रांड है। यह देशी और अंतरराष्ट्रीय स्थलों पर शानदार क्रूज अनुभव प्रदान करता है। यह मुंबई, गोवा, कोच्चि, चेन्नई, लक्षद्वीप, विशाखापत्तनम और पुडुचेरी जैसे घरेलू स्थलों के साथ-साथ श्रीलंका, थाईलैंड, सिंगापुर और मलेशिया के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्राएं भी संचालित करता है।

कैसे हुई थी शेयरों की लिस्टिंग?

एनएसई पर वॉटरवेज के शेयर 681 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए, जो निर्गम मूल्य से 15.72 प्रतिशत कम था। वहीं, बीएसई पर यह 690 रुपये पर लिस्ट हुआ। यानी 14.60 प्रतिशत नीचे इसकी लिटिंग हुई थी। गौरतलब है कि कंपनी ने अपना 585 करोड़ रुपये का आईपीओ 769-808 रुपये के प्राइस बैंड के साथ लॉन्च किया था। कमजोर लिस्टिंग के बावजूद, दूसरे दिन निवेशकों ने जमकर खरीदारी की और शेयर अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी

इस 585 करोड़ रुपये के आईपीओ में पूरी तरह से नए 0.72 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री शामिल थी, और इसमें ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का कोई हिस्सा नहीं था। खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी के कारण यह IPO बोली के आखिरी दिन पूरा हुआ। कुल मिलाकर, 23 से 25 जून के बीच हुई बोली में यह आईपीओ 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ।

IPO से पहले, वॉटरवेज ने एंकर निवेशकों से 263.25 करोड़ रुपये जुटाए थे। खुदरा निवेशकों वाला हिस्सा 4.19 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों को 1.17 गुना बोली मिली। इसके QIB का हिस्सा कमजोर रहा और उसे संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों का केवल 69 प्रतिशत ही बोली मिल पाई।

आईपीओ से मिले फंड का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी के अनुसार, IPO से मिले पैसे का उपयोग मुख्य रूप से अपनी सहायक कंपनी बेक्रूज शिपिंग एंड लीजिंग की लीज से संबंधित देनदारियों को पूरा करने के लिए किया जाना था, जबकि शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाना था।

ब्रोकरेज फर्म की क्या राय थी?

ब्रोकरेज फर्म स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी थी। फर्म का कहना था कि कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते क्रूज पर्यटन बाजार में मजबूत स्थिति रखती है, और कारोबार में ऑक्यूपेशन का लेवल अच्छा बना हुआ है।

करीब 101 पी/ई अनुपात पर, आईपीओ काफी महंगा लगता है। फर्म ने कहा कि मजबूत उद्योग रुझानों और विकास क्षमता के बावजूद, मूल्यांकन में सुरक्षा का दायरा सीमित है, इसलिए यह लिस्टिंग बेनीफिट्स के लिए आकर्षक नहीं है, लेकिन लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए उपयुक्त हो सकता है।

कंपनी की वित्तीय सेहत कैसी है

वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कंपनी का रेवेन्यू ऑपरेशन 579.7 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 52.1 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा, कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत हुई है और उसकी नेट एसेट्स बढ़कर 80.2 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वर्ष 32.8 करोड़ रुपये थी। कंपनी अपना प्रमुख जहाज एमवी एम्प्रेस चलाती है, जिसमें 2,000 से अधिक यात्रियों की क्षमता है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN