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अमेरिका में अनिवार्य वोटर आईडी पर जोर देते ट्रंप ने भारत की चुनावी व्यवस्था का समर्थन किया

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पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने Save America Act के समर्थन में भारत की चुनावी प्रक्रिया का हवाला दिया है। Trump और उनके सहयोगियों का तर्क है कि यह व्यापक कानून पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में चुनावी अखंडता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने भारत के 2024 के आम चुनाव को मतदान केंद्रों पर वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य करने के एक मानक के रूप में सराहा और अमेरिकी व्यवस्था में दिखने वाली कमजोरियों को उजागर करने की कोशिश की।

## Trump ने किन बातों का हवाला दिया—और इसका महत्व

अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर Trump ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar की हालिया टिप्पणी का उल्लेख किया। Kumar ने सवाल उठाया था कि अमेरिकी मतदाताओं को वैध फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत किए बिना मतदान करने की अनुमति क्यों दी जाती है। Trump ने जोर देकर कहा कि भारत में:

– 2024 के चुनाव में 646 मिलियन से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया।
– प्रत्येक मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान दस्तावेज दिखाना अनिवार्य था।
– 1% से भी कम वोट डाक के माध्यम से डाले गए।

इन आंकड़ों का हवाला देते हुए Trump ने तर्क दिया कि अमेरिका को मतदाता पहचान संबंधी अधिक सख्त उपाय अपनाने चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें THE SAVE AMERICA ACT को अब पारित करना होगा।”

## **SAVE America Act: प्रस्तावित बदलाव**

29 जनवरी को पेश किया गया Save America Act संघीय चुनावों में लागू मौजूदा मतदान नियमों में व्यापक बदलाव करना चाहता है। इसके प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:

– मतदाताओं को पंजीकरण और मतदान के लिए वैध फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।
– मतदाता पंजीकरण के दौरान नागरिकता का सत्यापन अनिवार्य होगा।
– डाक से मतदान पर पाबंदियां लगाई जाएंगी और इसे केवल बीमारी, दिव्यांगता, सैन्य ड्यूटी या यात्रा जैसी विशेष परिस्थितियों में अनुमति दी जाएगी।
– राज्यों को मतदाता पंजीकरण सूचियों से गैर-नागरिकों के नाम हटाने का निर्देश दिया जाएगा।

समर्थकों का तर्क है कि ये बदलाव चुनावी अखंडता की रक्षा करेंगे। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इससे मताधिकार से वंचित होने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें स्वीकार्य पहचान पत्र आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता।

## भारत में अमेरिकी राजदूत का समर्थन

अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने Trump की पहल का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “President Donald J. Trump is absolutely correct! 646 MILLION voters, every single one required an ID in India’s last election. Congress should pass THE SAVE AMERICA ACT!”

राजदूत ने मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने और चुनावी नतीजों में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए भारत के बायोमेट्रिक मतदाता डेटाबेस और अनिवार्य फोटो पहचान पत्र व्यवस्था को वैश्विक मानक के रूप में प्रस्तुत किया।

## चुनावी व्यवस्थाओं की तुलना: भारत बनाम अमेरिका

White House ने मतदाता प्रमाणीकरण के मामले में भारत और अमेरिका के बीच मौजूद अंतर को रेखांकित किया है:

– भारत मतदाताओं की पहचान को एक बायोमेट्रिक रजिस्ट्री से जोड़ता है।
– अमेरिका में अक्सर नागरिकता के संबंध में लोगों द्वारा स्वयं घोषणा करने की व्यवस्था पर निर्भर किया जाता है।

ये अंतर Trump के उस तर्क को रेखांकित करते हैं कि अमेरिकी संघीय चुनाव कानून उन बातों को लागू करने में पीछे हैं, जिन्हें वह “बुनियादी चुनावी सुरक्षा उपाय” बताते हैं। प्रशासन का जोर है कि संघीय चुनावों से जुड़े फैसलों को केवल अमेरिकी नागरिक ही प्रभावित करें और अधिक सख्त मतदाता पहचान कानून महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय के रूप में काम करें।

## मौजूदा स्थिति

Trump और Republican Party के कुछ वर्गों के समर्थन के बावजूद Save America Act अभी Congress से आगे नहीं बढ़ पाया है। Senate हाल ही में पांच सप्ताह के अवकाश के लिए स्थगित हो गया है और उसके बाद से विधायी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई है। यह मुद्दा अब भी lawmakers के बीच partisan आधार पर गहरा विभाजन पैदा कर रहा है।

## व्यापक प्रभाव और सवाल

भारत के साथ Trump की तुलना कई मुद्दे उठाती है:

– **मतदाता पहुंच**: अधिक सख्त पहचान संबंधी आवश्यकताएं उन कुछ मतदाता समूहों के लिए कठिनाइयां पैदा कर सकती हैं, जिन्हें वैध फोटो पहचान पत्र हासिल करने में परेशानी होती है।
– **डाक से मतदान**: विधेयक के तहत प्रस्तावित पाबंदियां इस बात को बदल सकती हैं कि अमेरिकी नागरिक दूर से कब और किस तरह मतदान करते हैं।
– **प्रशासनिक चुनौतियां**: नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करना और पहचान पत्रों को रजिस्ट्रियों से जोड़ना भारत की व्यवस्था जैसा है—लेकिन अमेरिका में ऐसी संरचना लागू करना जटिल होगा, क्योंकि वहां चुनाव व्यवस्था विकेंद्रीकृत है।

Supreme Court के फैसले, ऐतिहासिक मिसालें और राज्य कानून सभी इस बात को प्रभावित करते हैं कि मतदाता पहचान और पंजीकरण संबंधी आवश्यकताओं के मामले में संघीय कानून क्या लागू कर सकता है।

Save America Act पर बहस अमेरिकी राजनीति में मौजूद गहरे विभाजन को दर्शाती है: क्या अधिक सख्त मतदाता पहचान और पंजीकरण कानूनों के माध्यम से चुनावी अखंडता में सबसे बेहतर सुधार किया जा सकता है, या इससे पर्याप्त दस्तावेज न रखने वाली आबादी के कुछ वर्गों के मताधिकार से वंचित होने का खतरा पैदा होगा?

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