Source :- LIVE HINDUSTAN
8th Pay Commission Chandigarh Meeting: कल यानी 16 सितंबर को 8वें पे कमीशन की मीटिंग चंडीगढ़ में शुरू होने जा रही है। यह बैठक 18 सितंबर को समाप्त होगी। इससे पहले आयोग की मीटिंग इसी महीने पहले चेन्नई और फिर पुडुचेरी में हुई है। इन बैठकों में आयोग कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों से सुझाव और उनकी राय मांग रहा है। इसके अलावा ये सभी संगठन कमीशन को अपनी मौजूदा समस्याओं और जरूरतों को बता रहे हैं।
क्या है प्रमुख डिमांड
फिटमेंट फैक्टर को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस समय हो रही है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों की तरफ से अधिक से अधिक फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग हो रही है। कुछ संगठनों की तरफ से तो 3.84 फिटमेंट फैक्टर की डिमांड हुई है। जोकि 7वें पे कमीशन से भी काफी अधिक है।
हर 5 साल पर बढ़े सैलरी (8th Pay Commission Pay hike demand)
मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों के पेंशन और सैलरी में 10 साल पर बढ़ोतरी होती है। संगठनों की मांग है कि नया चयन वेतन मांग की समय सीमा 10 साल से घटाकर 5 साल कर दिया जाए। अगर ऐसा होता है तो 30 साल नौकरी करने वाले कर्मचारियों को 6 बार फायदा होगा। अब देखना है कि आयोग पे रिवीजन को लेकर क्या कहता है?
क्यों हो रही है मांग
भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें पे कमीशन को जो मोमेरेंडम जमा किया उसमें हर 5 साल पर पेंशन रिवीजन की मांग की है। नेशनल काउंसिल जेसीएम स्टाफ साइड की भी तरफ से यही डिमांड की गई है।
अधिक एचआरए की भी डिमांड
कई कर्मचारी संगठनों की तरफ से कहा गया है कि दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के लिए मौजूदा एचआरएफ पर्याप्त नहीं है। इसे और बढ़ाया जाए। इसके अलावा फैमिली यूनिट को भी 3 से 5 करने की मांग लगातार हो रही है।
पे कमीशन के बीत गई 10 महीने (8th Pay Commission)
8वें वित्त आयोग का गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था। इस आयोग के पास 18 महीने का समय है। आयोग को अपनी रिपोर्ट सरकार को देना है। जिसके आधार पर केंद्र सरकार की तरफ से कर्मचारियों और पेंशनर्स पर फैसला होगा।
आयोग अबतक देश के कई हिस्सों में मीटिंग कर चुका है। जिन इलाकों में मीटिंग हुई है उसमें दिल्ली, लखनऊ, भुवनेश्वर, कोलकाता, जम्मू जैसे शहर शामिल हैं। अब तक मुंबई में आयोग ने कोई भी मीटिंग नहीं है। आने वाले दिनों में वहां मीटिंग हो सकती है।
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