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टाटा संस IPO का टाटा पावर के शेयर पर भी पड़ेगा असर? निवेशकों को जानना जरूरी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के संभावित आईपीओ को लेकर अब तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग होती है तो टाटा ग्रुप की कई कंपनियों पर इसका असर पड़ने की संभावना है। खासतौर पर टाटा संस की लिस्टिंग समूह की कंपनी टटा पावर के लिए वैल्यू अनलॉकिंग का बड़ा कारण बन सकती है। यह अनुमान ब्रोकरेज फर्म Axis Capital का है।

क्या कहा ब्रोकरेज ने?

ब्रोकरेज ने कहा, “टाटा संस शेयर बाजार में लिस्टिंग के एक कदम और करीब पहुंच गई है। अगर टाटा संस करीब ₹10 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर शेयर बाजार में लिस्ट होती है तो टाटा पावर की 1.65 फीसदी हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹16,500 करोड़ हो सकती है। यह टाटा पावर के मौजूदा मार्केट कैप का लगभग 14-15 फीसदी बैठता है।

ब्रोकरेज ने कहा कि अगर इस वैल्यू पर 30% का होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट लगाया जाए, तो टाटा संस की लिस्टिंग से SOTP (Sum-of-the-Parts) पर प्रति शेयर ऑप्शनैलिटी का असर लगभग 35 रुपये प्रति शेयर हो सकता है। इसमें कहा गया, “अगर हम इस वैल्यू पर 30% का होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट लागू करते हैं तो टाटा संस की लिस्टिंग से SOTP पर प्रति शेयर ऑप्शनैलिटी का असर लगभग 35 रुपये प्रति शेयर हो सकता है।”

ब्रोकरेज ने दोनों कंपनियों के बीच रिवर्स क्रॉस-होल्डिंग का भी जिक्र किया। ब्रोकरेज के मुताबिक टाटा संस के पास टाटा पावर की मौजूदा मार्केट होल्डिंग का 45.21% हिस्सा है। एक्सिस कैपिटल ने बताया, “टाटा संस के पास टाटा पावर की मौजूदा मार्केट होल्डिंग का 45.21% हिस्सा है, जिसकी कीमत 53,000 करोड़ रुपये है। अगर टाटा संस की संभावित लिस्टिंग वैल्यू 10 लाख करोड़ रुपये होती है तो इसका मतलब होगा कि टाटा पावर, टाटा संस की कुल वैल्यू का 5.3% हिस्सा है।”

शेयर का परफॉर्मेंस

ब्रोकरेज ने टाटा पावर के शेयर को लेकर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹415 का टारगेट प्राइस दिया है। अभी टाटा पावर के शेयर की कीमत 363.30 रुपये है। टाटा ग्रुप के इस शेयर ने अप्रैल 2026 में ₹464.80 का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ था जबकि जनवरी 2026 में इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹342.35 था। हाल के प्रदर्शन की बात करें तो टाटा पावर के शेयर में करीब 1 महीने में 5 फीसदी, 3 महीने में 10 फीसदी, 6 महीने में 8 फीसदी और एक साल में 6 फीसदी की गिरावट रही है। हालांकि, लंबी अवधि में निवेशकों को करीब 159 फीसदी का रिटर्न दिया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN