Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Jeevan Praman Patra: पेंशन लेने वालों के लिए अक्टूबर का महीना बेहद जरूरी होता है
- पेंशन बिना रुकावट मिलती रहे, इसके लिए हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है
- हर एक सरकारी पेंसनर्स को साल में एक बार लाइफ सर्टिफकेट जमा करना होता है
Jeevan Praman Patra: पेंशन लेने वालों के लिए अक्टूबर का महीना बेहद जरूरी होता है। पेंशन बिना रुकावट मिलती रहे, इसके लिए हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। हर एक सरकारी पेंसनर्स को साल में एक बार लाइफ सर्टिफकेट जमा करना होता है। केंद्र और राज्य सरकार के पेंशन लेने वाले लोग यह काम डिजिटल तरीके से भी कर सकते हैं। अब 1 अक्टूबर 2026 से जुड़ा सवाल यह है कि क्या इस तारीख से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा शुरू हो जाएगी?
पिछले साल 80 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को 1 अक्टूबर से ही जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने की सुविधा दी गई थी। ताकि उन्हें नवंबर में होने वाली भीड़ से परेशानी न हो। हालांकि, आज 29 सितंबर तक 2026 में 1 अक्टूबर से यह सुविधा शुरू होगी या नहीं, इसे लेकर अभी संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक तारीख जारी नहीं की गई है।
हर साल क्यों जमा करना पड़ता है जीवन प्रमाण पत्र?
सरकारी पेंशन पाने वाले लोगों को यह प्रमाण देना होता है कि वे जीवित हैं, ताकि उनकी पेंशन लगातार मिलती रहे। जीवन प्रमाण पत्र इसी काम के लिए होता है। इसे आधार से जुड़ी पहचान और चेहरे या उंगली के निशान की मदद से घर बैठे भी बनाया जा सकता है।
क्या आधार जरूरी है?
जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशन लेने वाले व्यक्ति का आधार नंबर या आधार से बनी पहचान संख्या जरूरी होती है। साथ ही आधार की जानकारी पेंशन देने वाले बैंक, डाकघर या संबंधित संस्था के रिकॉर्ड में दर्ज होनी चाहिए।
घर बैठे कैसे बनाएं जीवन प्रमाण पत्र?
पेंशन लेने वाला व्यक्ति एंड्रॉयड मोबाइल फोन से भी जीवन प्रमाण पत्र बना सकता है। इसके लिए संबंधित सरकारी आवेदन और आधार से चेहरे की पहचान करने वाला आवेदन मोबाइल में रखना होता है। मोबाइल में इंटरनेट और सामने की ओर कैमरा होना चाहिए।
पहले पहचान की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बाद पेंशन लेने वाले व्यक्ति की जरूरी जानकारी दर्ज की जाती है और मोबाइल के कैमरे से चेहरे की तस्वीर ली जाती है। पहचान सफल होने पर जीवन प्रमाण पत्र बन जाता है। इसके बाद मोबाइल पर इसे डाउनलोड करने की जानकारी भेज दी जाती है।
क्या जीवन प्रमाण पत्र हमेशा के लिए मान्य होता है?
नहीं। जीवन प्रमाण पत्र हमेशा के लिए मान्य नहीं होता। इसकी मान्यता का पीरियड पेंशन देने वाले विभाग के नियमों के अनुसार तय होता है। पीरियड खत्म होने के बाद पेंशन लेने वाले व्यक्ति को नया जीवन प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है।
इसलिए 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशन लेने वालों को 1 अक्टूबर से जुड़ी आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए। बाकी पेंशन लेने वालों को भी अपने बैंक, डाकघर या पेंशन देने वाली संस्था के नियम के अनुसार समय पर जीवन प्रमाण पत्र जमा करना चाहिए, ताकि पेंशन मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।
कैसे घर बैठे बना सकते हैं जीवन प्रमाण पत्र?
पहला स्टेप:
कम से कम 5 मेगापिक्सल के सामने वाले कैमरे और इंटरनेट सुविधा वाला कोई भी एंड्रॉयड मोबाइल फोन इस्तेमाल करें।
दूसरा स्टेप:
अपना आधार नंबर तैयार रखें। ध्यान रखें कि आपका आधार नंबर पेंशन देने वाली संस्था, जैसे बैंक, डाकघर या अन्य संबंधित संस्था के रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए।
तीसरा स्टेप:
गूगल प्ले स्टोर से ‘आधार फेस आरडी’ और ‘जीवन प्रमाण फेस ऐप’ डाउनलोड करके मोबाइल में डाउनलोड करें।
चौथा स्टेप:
ऐप में अपनी की पहचान की प्रक्रिया पूरी करें और अपने चेहरे की तस्वीर लेकर पहचान वैरिफाई करें। पेंशन लेने वाला व्यक्ति खुद भी ऑपरेटर की भूमिका निभा सकता है।
पांचवां स्टेप:
ऐप में पेंशन लेने वाले व्यक्ति की जरूरी जानकारी डालें।
छठा स्टेप:
मोबाइल के सामने वाले कैमरे से चेहरे की साफ तस्वीर लें और उसे जमा कर दें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल नंबर पर जीवन प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए मैसेज और लिंक भेजा जाएगा।
क्या जीवन प्रमाण पत्र हमेशा के लिए मान्य होता है?
नहीं, जीवन प्रमाण पत्र हमेशा के लिए मान्य नहीं होता। इसकी मान्यता का पीरियड पेंशन देने वाले विभाग के नियमों के अनुसार तय होता है। नियमों के मुताबिक पीरियड खत्म होने के बाद पेंशन लेने वाले व्यक्ति को नया जीवन प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है।
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